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मेट्रो स्टेशनों की बाहरी दिवारों पर लगेंगे कैमरे

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हेडिंग: मेट्रो स्टेशनों की बाहरी दीवारों पर लगेंगे कैमरे
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सीसीटीवी कैमरों की मदद से यातायात व्यवस्था की होगी निगरानी
एनएमआरसी के नए बने मेट्रो स्टेशनों पर होगी व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा-ग्रेटर नोएडा के एक्वा लाइन पर नए बने मेट्रो स्टेशनों के बाहर जाम के झाम से छुटकारा दिलाने के लिए योजना बनाई गई है। इसके तहत स्टेशनों की बाहरी दीवारों पर सीसीटीवी कैमरे लगेंगे जो यातायात पर नजर रखेंगे। इसकी निगरानी ट्रैफिक पुलिस करेगी।
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हालांकि, इसके लिए ट्रैफिक पुलिस को थोड़ी मशक्कत करनी पड़ेगी। एनएमआरसी ने सीसीटीवी की डीवीआर (डिजिटल वीडियो रिकॉर्डिंग) सिस्टम को सुरक्षा कक्ष में लगाने की अनुमति दी है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस को इस डीवीआर में रिकॉर्ड हुआ डाटा रोज अपने कंट्रोल रूम में ले जाना पड़ेगा और अपने कंट्रोल रूम में इसका अध्ययन करना पड़ेगा। डाटा में नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने वाले लोगों पर कार्रवाई की जा सकेगी। दरअसल, प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों पर ट्रैफिक व्यवस्था बहाली को लेकर एक बैठक हुई थी। इसमें एनएमआरसी के कार्यकारी निदेशक पीडी उपाध्याय, एसपी ट्रैफिक अनिल कुमार झा, एआरटीओ हिमेश तिवारी, एनएमआरसी के महाप्रबंधक (तकनीकी) मनोज वाजपेयी, डीएमआरसी के मुख्य स्थानिक अभियंता सीपी सिंह, एनएमआरसी के उप महाप्रबंधक कनिष्क सिंह और सिटी बस सेवा के विशेष कार्याधिकारी राजेश पाठक उपस्थित रहे। बैठक में एआरटीओ प्रवर्तन ने स्टेशनों पर अधिक समय तक वाहनों के ठहराव की अनुमति नहीं देने की बात कही। वहीं, एसपी ट्रैफिक ने मेट्रो स्टेशन की बाहरी दिवारों पर ट्रैफिक फेंसिंग कैमरे लगाने पर जोर दिया, जिससे स्टेशन के आसपास की चीजें कवर हो सकें। बैठक के बाद इस बात पर सहमति बनी कि जनहित में स्टेशन के बाहर कैमरे लगाने की अनुमति दी जा सकती है, लेकिन इसकी निगरानी पुलिस या ट्रैफिक पुलिस को अपने कंट्रोल रूम से करना होगा, जो कि ट्रैफिक पुलिस या थाने में बना हो। इसके लिए ट्रैफिक पुलिस की ओर से रोजाना डाटा ले जाना होगा। ऐसे कंट्रोल रूम को मेट्रो परिसर में स्थापित करने पर सहमति नहीं बनी।
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