जल बोर्ड, पुलिस और नगर
निगम से लोग नाखुश
- बीते करीब साढ़े तीन साल में इन्हीं विभागों से आईं सर्वाधिक शिकायतें
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्लीवालों को सबसे ज्यादा शिकायत जल बोर्ड से है। इसके बाद एमसीडी और दिल्ली पुलिस का नंबर है। दिल्ली सचिवालय में जन शिकायत निगरानी प्रणाली (पीजीएमएस) के तहत मिली शिकायतों के आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इनकी समीक्षा के बाद प्राथमिकता के आधार पर जन शिकायतों पर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के फरवरी 2015 से अब तक के आंकड़े बताते हैं कि शिकायतें निपटाने में दिल्ली विश्वविद्यालय फिसड्डी है। डीयू को 534 शिकायतें मिलीं, लेकिन प्रशासन 533 का निपटारा नहीं कर सका। दिल्ली सरकार के अलग-अलग विभागों की 2.59 लाख से अधिक शिकायतें मिलीं। मुख्यमंत्री के अधीन जल बोर्ड की 79,635 शिकायतें मिलीं। हालांकि, सबसे ज्यादा शिकायतें भी इसी ने निपटाईं। इसकी सिर्फ .01 फीसदी शिकायतें ही लंबित हैं।
सरकार से अलग उत्तरी दिल्ली नगर निगम शिकायतों में ऊपर है। इसकी 44,381 शिकायतें मिलीं। इनमें दो फीसदी लंबित हैं। दिल्ली पुलिस की 39,449 शिकायतें मिलीं। इनमें से 4.9 फीसदी का निपटारा नहीं हो सका। दक्षिणी दिल्ली नगर निगम और पूर्वी दिल्ली नगर निगम की 27,845 व 21,979 शिकायतें मिलीं। इनमें से 5.9 व 1.9 फीसदी का निपटारा नहीं हुआ है। दिल्ली सरकार से इतर संस्थानों से कुल 1,45,752 शिकायतें मिलीं। इनमें से 5 फीसदी लंबित हैं।