पहले ही दिन हिट हुआ व्यापार मेला
प्रगति मैदान पहुंचे 34 हजार दर्शक, टूटी कैपिंग, भीड़ में बच्चे और बुजुर्ग परेशान
- राज्यों के मंडपों समेत सभी हॉल में नहीं बची पैर रखने की भी जगह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शुरुआती चार व्यावसायिक दिनों के बाद रविवार को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला आम लोगों के लिए खुल गया। छुट्टी होने के कारण सुबह से ही प्रगति मैदान पर दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। मेला हिट रहा और आईटीपीओ द्वारा भीड़ पर काबू रखने के लिए लागू की गई 25 हजार लोगों की कैपिंग टूट गई। रविवार को व्यापार मेले के 28 हजार टिकटें बिके और 34 हजार दर्शक पहुंचे। इसदौरान भीड़ के कारण महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग परेशान भी हुए। दर्शकों ने खरीदारी भी जमकर की। प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन पर भी दिनभर जबरदस्त भीड़ रही।
व्यावसायिक दिवसों में मेले में दर्शकों की भीड़ न के बराबर रही। शनिवार को चौथे और आखिरी बिजनेस-डे पर 14 हजार दर्शक पहुंचे। इस बार मेले का परिसर महज 20 प्रतिशत ही उपलब्ध है, इसलिए दर्शकों की संख्या पर 25 हजार प्रतिदिन की कैपिंग (सीमित संख्या) की गई है। मेले में हॉल नंबर 7 में हुनर और सरस, हॉल नंबर 9-10 में 20 देशों के स्टॉल और 12 व 12-ए में राज्यों के मंडप हैं। बिजनेस डेज में दर्शकों की भीड़ सबसे ज्यादा हॉल नंबर 9, 10 और 11 में रही, जबकि राज्यों के मंडप खाली दिखाई दिए। आम लोगों के लिए मेला खुलने के बाद सभी हॉल फुल हो गए और कहीं भी पैर रखने की भी जगह नहीं बची। व्यापार मेला महाप्रबंधक हेमा मेती ने बताया कि रविवार को ऑनलाइन और मेट्रो स्टेशनों पर 28 हजार टिकटों की बिक्री हुई। करीब 34 हजार दर्शक मेेले में पहुंचे। टिकटों के अलावा मेले में पहुंचे लोग वीआईपी श्रेणी के थे, जिन्हें पास से प्रवेश दिया गया।
बाहरी राज्यों के दर्शकों भी पहुंचे
रविवार को मेले में दिल्लीवालों के अलावा, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, पंजाब और उत्तराखंड तक के दर्शक पहुंचे। छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के लोगों ने मेला स्थल का भ्रमण कर खानपान का लुत्फ उठाया। देहरादून से आए शानू ने बताया कि वह प्रतिवर्ष शुरुआत में ही मेला देखने आते हैं और इसी बार भी खरीदारी के लिए पहुंचे हैं। दर्शक स्वाति ने कहा कि इस बार मेला बेहद छोटा है। भीड़ के कारण उनके बच्चों और परिवार के बुजुर्गों को काफी परेशानी हुई। भीड़ में खरीदारी करना भी मुश्किल था, लेकिन उन्होंने अपने घर के लिए डेकोरेशन का सामान और ब्यूटी प्रोडक्ट्स खरीदे हैं। पंजाब से आए परमजीत सिंह ने कहा कि पिछले सालों की तुलना में स्टॉल काफी कम हैं। उन्होंने मेले से अफगानिस्तान के बादाम, ईरान का केसर, और कश्मीरी पश्मीना शॉल खरीदे। इस दौरान आईटीपीओ सुरक्षा महाप्रबंधक अजय वशिष्ठ ने अपनी टीमों के साथ व्यवस्था देखी।
लोकनृत्य और कठपुतली ने मोहा मन
राजस्थान का लोकनृत्य कच्ची घोड़ी देख दर्शक बेहद खुश हुए। कठपुतली डांस भी उन्हें खूब भाया। राजस्थान से आए संदीप ने बताया कि वह हाथों से बने हाथी, घोड़े, ऊंट और कठपुतलियां लोगों के लिए लेकर आए हैं। दर्शकों के लिए खिलौनों की कीम 200 से 2000 रुपये के बीच है।