विद्यार्थियों को मानसिक दबाव
से बचाएगा एसओएल
प्रशासन ने परिसर में परामर्शता नियुक्त किया, ऑनलाइन ले सकते हैं डॉक्टर से समय
- छात्रों से सिरदर्द, रक्तचाप, उदासीनता, अवसाद पर चर्चा की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) ने विद्यार्थियों को अवसाद और तनाव से बचाने की पहल की है। वह विद्यार्थियों व स्टाफ को मानसिक दबाव व शारीरिक परेशानियों से बचाने में सहायता करेगा। इसके लिए प्रशासन ने एसओएल परिसर में डॉक्टर के रूप में एक परामर्शदाता नियुक्त किया है। परामर्श लेने के लिए विद्यार्थियों और स्टाफ को ऑनलाइन अपाइंटमेंट लेना होगा। तिथि व समय की सूचना विद्यार्थियों को फोन पर एसएमएस द्वारा दी जाएगी। यह एक तरह का स्वास्थ्य संबंधित उपचार कार्यक्रम है।
एसओएल प्रशासन का मानना है कि अक्सर विद्यार्थियों को मानसिक दबाव व शारीरिक परेशानी की शिकायत होती है। कर्मचारियों पर काम का बोझ रहता है। प्रशासन चाहता है कि विद्यार्थियों व कर्मचारियों को इनसे मुक्त कराया जाए। विद्यार्थियों पर पढ़ाई और प्रतियोगिता की वजह से पड़ने वाले मानसिक दबाव और शारीरिक परेशानियों तथा कर्मचारियों को काम के बोझ के दबाव का सामना करने में परामर्शदाता (मेडिसिन) मदद कर सकता है। सप्ताह में एक दिन वह परेशानियों को सुनकर उनका हल बताएंगी। डॉ. सत्यवती देवी (वरिष्ठ विशेषज्ञ) मेडिसन सप्ताह में प्रत्येक बुधवार को एसओएल में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक उपलब्ध होंगी। वह छात्रों व कर्मचारियों से तनाव, एकाग्रता की कमी, मानसिक तनाव, भूलना, चिंता, क्रोध, सिरदर्द, रक्तचाप, उदासीनता, अवसाद, सामाजिक मेलजोल, भय, संकोच आदि पर चर्चा करेंगी।