मधुमेह(डायबिटीज) पर नियंत्रण के लिए नॉर्थ दिल्ली में 20 से 40 वर्ष के लोगों की स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि समय रहते इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सके। इसमें जहां एक तरफ एलोपैथी से मधुमेह की रोकथाम की जाएगी, वहीं आयुष की मदद से भी इसका इलाज किया जाएगा। यह जानकारी हिंदू राव अस्पताल में आयोजित तीन दिवसीय मधुमेह जागरूकता कार्यक्रम में दी गई।
कार्यक्रम में नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त जयराज नाईक ने कहा कि आजकल मधुमेह हर दूसरे व्यक्ति को है। जल्द से जल्द स्क्रीनिंग करके इसे रोका जा सकता है। इसलिए नॉर्थ एमसीडी ने यह फैसला लिया है कि वह 20 से 40 वर्ष के लोगों को मधुमेह के प्रति ज्यादा से ज्यादा जागरूक करते हुए उनकी स्क्रीनिंग पर ज्यादा ध्यान देगी। जितने कम समय में स्क्रीनिंग होगी, उतनी जल्दी ही इस पर नियंत्रण पाया जा सकेगा।
वहीं, निगमायुक्त मधुप व्यास ने कहा कि लोगों को मधुमेह के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है, क्योंकि ऐसा देखा जा रहा है कि अब बच्चों में भी यह बीमारी होने लगी है, जो भविष्य के लिए अच्छा संकेत नहीं है। इसलिए इसे जल्द से जल्द स्क्रीनिंग करके रोका जा सकता है। इसमें अस्पताल में आने वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा ताकि वह इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जान सकें। कार्यक्रम की शुरूआत डॉ स्वाति शर्मा और डॉ आरएस सोनी की कविता से हुई।
वहीं, कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नीति आयोग के सदस्य डॉ विनोद के. पॉल, विशिष्ठ अतिथि नॉर्थ दिल्ली के मेयर आदेश कुमार गुप्ता, स्टैंडिंग कमेटी की चेयरमैन वीना विरमानी सहित आयुष विभाग के निदेशक डॉ चंद्रकेतु और अस्पताल निदेशक (प्रबंधन) डॉ अरुण यादव मौजूद रहे।