एनजीटी ने मांगी 51,837 अवैध इकाइयों पर कार्रवाई की रिपोर्ट
- सीपीसीबी को एक महीने में कार्रवाई रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने राष्ट्रीय राजधानी में चल रहीं करीब 51,837 अवैध औद्योगिक इकाइयों पर कार्रवाई की रिपोर्ट एक माह के भीतर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) से मांगी है। अब मामले की अगली सुुनवाई 24 जनवरी को होगी। यह आदेश जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिया है।
दरअसल, सीपीसीबी कीओर से इस मामले में एनजीटी में रिपोर्ट दाखिल की गई थी। लेकिन इसमें कार्रवाई की रिपोर्ट शामिल नहीं है। ऐसे में एनजीटी ने कार्रवाई की रिपोर्ट एक माह के भीतर ई-मेल के जरिए मुहैया कराने का निर्देश दिया है। एनजीटी ने हाल ही में आदेश दिया था कि सीपीसीबी की ओर से गठित समिति को उत्तरी, दक्षिणी और पूर्वी दिल्ली नगर निगम व दिल्ली विकास प्राधिकरण की तरफ से जांच में पूरी मदद की जानी चाहिए।
डीएसआईआईडीसी की रिपोर्ट पर एनजीटी ने लिया स्वत: संज्ञान
एनजीटी ने बिना मंजूरी दिल्ली के रिहायशी इलाके में संचालित होने वाली करीब 51837 इकाइयों के संबंध में यह आदेश दिल्ली राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड (डीएसआईआईडीसी) की रिपोर्ट के बाद दिया था। डीएसआईआईडीसी ने जिन प्रदूषण फैलाने वाली इकाइयों को सूचीबद्ध किया है वह दिल्ली में चारो तरफ मौजूद हैं। मसलन, पश्चिमी दिल्ली के मोतीनगर, कीर्ति नगर, रमेश नगर, नजफगढ़, मानसरोवर गार्डेन इलाके में और दक्षिणी दिल्ली में आश्रम, भोगल, जगनपुरा, महारानी बाग, महिपालपुर। इसके अलावा पूर्वी दिल्ली में गांधी नगर, झील, शास्त्री नगर, कैलाश नगर, जाफराबाद और शहादरा व उत्तरी दिल्ली के सदर बाजार, चांदनी चौक, मल्कागंज, बल्लीमरान, लालकुआं, कश्मीरी गेट के आसपास भी मौजूद हैं।
सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र
रिपोर्ट के मुताबिक मध्य दिल्ली में करोल बाग, पटेल नगर, आनंद पर्वत, रोहतक रोड, राजेंद्र नगर, पुराना राजेंद्र नगर और उत्तर पूर्वी दिल्ली में शहादरा, जीटी रोड, बदरपुर, विश्वास नगर व उत्तर पश्चिमी दिल्ली में बुराड़ी, जगतपुरी सबसे ज्यादा औद्योगिक प्रदूषण से प्रभावित क्षेत्र हैं।