एसएमसी फंड से अच्छा काम करने
पर स्कूल प्रमुखों को मिलेगा पुरस्कार
- उपमुख्यमंत्री ने प्रमुखों के साथ संवाद कार्यक्रम शुरू किया
- स्कूलों से अच्छा फीडबैक मिलने पर फंड की राशि बढ़ाएगी सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार अपने स्कूलों मेे एसएमसी फंड से अच्छा काम करके दिखाने पर अब एसएमसी चेयरमैन(स्कूल प्रमुख) को अवॉर्ड देगी। इस फंड से स्कूल का बेहतर कायाकल्प होने का फीडबैक मिलने पर सरकार इसकी राशि भी बढ़ाने पर विचार कर रही है। उपमुख्यमंत्री एवं शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया ने स्कूल प्रमुखों के साथ संवाद कार्यक्रम में यह बातें कही। उन्होंने स्कूल प्रमुखों से एसएमसी फंड व हैपीनेस पाठ्यक्रम पर विशेष ध्यान देने को कहा।
बुधवार को
उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया संवाद कार्यक्रम के तहत व 50-50 स्कूलों के प्रमुखों से मिल रहे हैं। बुधवार को दिल्ली सचिवालय में वह ऐसे तीन समूहों के स्कूल प्रमुखों से मिले। स्कूल मैनेजमेंट कमेटी फंड(एसएमसी) को अब तक का सबसे प्रोग्रेसिव प्रशासनिक सुधार बताते हुए सिसोदिया ने कहा कि स्कूल प्रमुख इस फंड का इस्तेमाल समझदारी व पारदर्शिता से करें। किसी भी राज्य के स्कूल प्रमुखों के पास ऐसा अधिकार नहीं है।
मनीष सिसोदिया ने कहा कि जो एसएमसी चेयरमैन यानी स्कूल प्रमुख इस एसएमसी फंड से अच्छा काम करके दिखाएंगे, उन्हें सरकार अवॉर्ड देगी। वहीं, गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। शैक्षणिक सत्र समाप्त होने में चार माह बचे हैं, लिहाजा उन्होंने इस फंड का इस्तेमाल अच्छे ढंग से करने की सलाह दी। यदि सरकार को एसएमसी फंड के खर्च से स्कूलों में अच्छा काम होने का फीडबैक मिलता है तो इसकी रकम को भी बढ़ाया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर 5 से 7 लाख रुपये एसएमसी फंड दिए जाने का प्रावधान किया गया है। इस फंड का इस्तेमाल स्कूल की हर जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। विभिन्न विषयों या अन्य गतिविधियों की तैयारी के लिए रिसोर्स पर्सन या एक्सपर्ट भी इस फंड से बुलाए जा सकते हैं।
- हैपीनेस करिकुलम पर विशेष ध्यान दें
हैपीनेस पाठ्यक्रम पर बोलते हुए सिसोदिया ने कहा कि स्कूल प्रमुखों को हैपीनेस करिकुलम की क्लासेस पर विशेष ध्यान देना चाहिए। रोजाना हैपीनेस की क्लास लगे। इसमें बच्चों को ध्यान लगाना नहीं, बल्कि ध्यान देना सिखाएं। इस बात का ध्यान रखना है कि इसमें हर बच्चे की भागीदारी हो।