दिल्ली की हवा फिर गंभीर, एनसीआर जस का तस
- अगले दो दिन तक के आसार नहीं, बूंदाबांदी से आई नमी ने बढ़ाया प्रदूषण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति मंगलवार को एक बार फिर गंभीर स्थिति में पहुंच गई। जबकि एनसीआर की हालत जस की तस बनी हुई है। दिल्ली में धुंध बढ़ने और कुछ इलाकों में बेहद मामूली बूंदाबांदी से आई नमी ने वायु प्रदूषण को और बढ़ा दिया है। मंगलवार को दिल्ली समेत एनसीआर में वायु गुणवत्ता गंभीर श्रेणी यानी सुर्ख लाल स्थिति में बनी है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक अगले दो दिन तक ऐसी ही स्थिति रह सकती है। दिल्ली की वायु गुणवत्ता में 9 नवंबर के बाद सोमवार को मामूली सुधार हुआ था। हालांकि मौसम में बदलाव से एक बार फिर वायु गुणवत्ता गंभीर हो गई है।
सीपीसीबी की ओर से मंगलवार को जारी 24 घंटे की औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली और अन्य एनसीआर शहरों का एक्यूआई गंभीर (400) से अधिक बना हुआ है। सीपीसीबी ने अपनी हेल्थ एडवाइजरी में बीमार लोगों को विशेष ख्याल रखने और सामान्य लोगों को खुले वातावरण में मेहनत वाले काम से बचने को कहा है। हवा की यह स्थिति 15 नवंबर तक बनी रह सकती है। केंद्रीय वायु गुणवत्ता और मौसम की भविष्यवाणी करने वाली एजेंसी सफर का कहना है कि छिटपुट बारिश के कारण हवा की गुणवत्ता और बिगड़ जाती है। अगले दो दिन बादल छाए रह सकते हैं ऐसे में धुंध छंटेगी नहीं और प्रदूषण का स्तर जस का तस रह सकता है।
इमरजेंसी स्तर पर पहुंच रहा पीएम का स्तर
सीपीसीबी की ओर से दिल्ली-एनसीआर में स्थापित केंद्रीय नियंत्रण कक्ष (सीसीआर) की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर की हवा में प्रभावी प्रदूषण तत्व पर्टिकुलेट मैटर 10 और पर्टिकुलेट मैटर 2.5 की स्थिति इमरजेंसी स्तर के करीब पहुंच रही है। मंगलवार की रात आठ बजे तक पीएम 10 अपने सामान्य मानक 100 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब पांच गुना अधिक 469 तक रिकॉर्ड हुआ। वहीं पीएम 2.5 भी सामान्य मानक 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से करीब पांच गुना अधिक 269 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रिकॉर्ड हुआ है। इससे बचने के लिए बेहतर मास्क का इस्तेमाल और रोग प्रतिरोधक क्षमता ठीक रखने वाले फलों का आहार बढ़ाना चाहिए।
दिल्ली-एनसीआर वायु गुणवत्ता सूचकांक
शहर एक्यूआई स्थिति
13 नवंबर 12 नवंबर 11 नवंबर 10 नवंबर
दिल्ली 409 399 405 401
फरीदाबाद 438 454 461 440
गाजियाबाद 438 423 440 403
नोएडा 426 401 445 386
ग्रेटर नोएडा 411 454 436 420