फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जहरखुरानी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश

विज्ञापन
विज्ञापन
जहरखुरानी गिरोह का पर्दाफाश, तीन को दबोचा
विज्ञापन

- गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में वारदात का शतक लगा चुके हैं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने जहरखुरानी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सदस्य दिल्ली-एनसीआर में जहरखुरानी की वारदात का शतक लगा चुके हैं। इनके पास से ऑटो, स्कूटी, 12 मोबाइल फोन, दो घड़ियां और नशे की 210 गोलियां बरामद की गई हैं।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त डॉ. अजीत कुमार सिंगला के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान किशनगंज, बिहार निवासी कासिर आलम उर्फ कासिर (27), मोहम्मद अब्बास (34) और कुरबान उर्फ मोहम्मद आलम (22) के रूप में हुई। एसीपी आदित्य गौतम की देख-रेख में इंस्पेक्टर रिछपाल सिंह की टीम ने तीनों को आईपी यूनिवर्सिटी, द्वारका से नौ नवंबर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बताया कि उनके गांव के काफी लोग देश में जहरखुरानी की वारदात में लगे हुए हैं। ये वारदात के दौरान ड्यूटी शब्द का कोर्ड वर्ड के रूप में इस्तेमाल करते थे। कासिर आलम गिरोह सरगना है।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
मो. अब्बास पेशे से ऑटो ड्राइवर है। वह ऑटो को 250 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से किराए पर लेता था। कासिर और कुरबान बस स्टैंड पर सवारी बनकर खड़े हो जाते थे। तभी वहां मो. अब्बास ऑटो लेकर आता था और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने के लिए आवाज लगता था। कासिर और कुरबान कम किराए की बात कहकर ऑटो में बैठ जाते थे। इनको देखकर और सवारियां भी ऑटो में बैठ जातीं थी। गिरोह सरगना कासिर रास्ते में दुकान के पास ऑटो रुकवाता था। इस दौरान ये पीड़ित को कोल्डड्रिंक या पानी में नशे की गोलियां पिला देते थे। एक गिलास में ये दो एमजी की 10 से 12 गोलियां मिलाते थे। जब पीड़ित नशे में हो जाता था तो उसे सुनसान जगह पर ले जाते थे। इसके बाद आरोपी उसका सामान लूटकर फरार हो जाते थे। पीड़ित को सुनसान जगह पर फेंक देते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें