हेड : प्रदूषण और गंध से जीना मुहाल, बच्चे पड़ रहे बीमार
गाजीपुर डंपिंग ग्राउंड के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, लगाया जाम
बोले- कडनी, लिवर, फेफड़ों में कैंसर के शिकार हो चुके हैं हजारों लोग
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर यातायात बहाल कराया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली के गाजीपुर डंपिंग ग्राउंड और बूचड़खानों को लेकर रविवार को स्थानीय लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया। साथ ही सड़क भी जाम कर नगर निगम के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों की मांग है कि गाजीपुर में मौजूद कचरे के पहाड़ को हटाया जाए। बूचड़खानों को भी बंद किया जाए।
अंतरराष्ट्रीय मानव अधिकार सुरक्षा परिषद की निगरानी में हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान मयूर विहार फेज-3 और खेड़ा कॉलोनी के लोगों ने मिलकर गाजीपुर कूड़ेदान, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और बूचड़खानों को जल्द बंद करने मांग की। ताकि यहां के लोग सुकून की सांस ले सकें।
लोगों का कहना है कि प्रदूषण और गंध की वजह से लोगों का जीना दूभर है। इसकी वजह से इलाके के हजारों लोग अभी तक किडनी, लिवर, फेफड़ों में कैंसर के शिकार हो चुके हैं। कई बार दिल्ली के उपराज्यपाल तक लोगों ने इसकी शिकायत भी की है, लेकिन अभी तक कोई समाधान उन्हें नहीं मिला है। कचरे से निकलने वाली जहरीली गैसों से उनके बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर निगम और सरकार ने मिलकर उनकी परेशानी का समाधान नहीं निकाला तो जल्द ही इसका खामियाजा भुगतने को मिल सकता है। रविवार सुबह इलाके में लंबा सड़क जाम लग गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाते हुए वहां से उठाया और यातायात बहाल कराया।