किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का किया घेराव
- सीईओ ने पांच लोगों से अधिक के साथ वार्ता करने से किया इंकार
- आज बैठक कर आंदोलन की रणनीति तैयार करेंगे किसान
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। संयुक्त किसान अधिकार आंदोलन के बैनर तले मंगलवार को किसानों ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण का घेराव कर प्रदर्शन किया। किसानों का आरोप है कि धरने के दौरान सीईओ की तरफ से वार्ता करने का प्रस्ताव आया। जिस पर 44 लोगों का प्रतिनिधिमंडल मिलने पहुंचा, लेकिन सीईओ ने पांच लोगों से अधिक के साथ वार्ता करने से इंकार कर दिया। जिससे किसानों में नाराजगी है। बुधवार को किसान बैठक कर आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार करेंगे।
वार्ता का प्रस्ताव मिलने पर किसानों के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य वीर सिंह नागर, रविंद्र भाटी, डा. रूपेश वर्मा, सुनील फौजी ने प्राधिकरण के सीईओ नरेंद्र भूषण से मिलने पहुंचे और उन्हे जानकारी दी कि 44 गांवों के प्रतिनिधि यहां हैं। सभी किसान उनका स्वागत करना चाहते हैं और वार्ता करने का समय लेकर चले जाएंगे। आरोप है कि सीईओ ने कमरे से बाहर जाने से इंकार कर दिया। इस बात से चौथे फ्लोर पर बोर्ड रूम में बैठे किसानों का आक्रोश बढ़ गया और प्राधिकरण व सीईओ के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने बताया कि किसानों ने प्राधिकरण को जमीन दी है, लेकिन किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हो रहा है। आबादी के 2000 से अधिक मामले लीज बैक के लंबित हैं। किसानों ने बताया कि बुधवार को सेक्टर सिग्मा में बैठक बुलाई गई है, जहां आंदोलन को आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की जाएगी। वहीं, किसानों ने प्राधिकरण के बाद सैमसंग कंपनी पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था, लेकिन समय नहीं होने के कारण किसानों ने कंपनी की तरफ कूच नहीं किया।