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2014 में हुआ भुगतान, फिर भी दिख रहा बकाया

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2014 में भुगतान, फिर भी दिख रहा बकाया
ग्रेनो प्राधिकरण के निरीक्षण के दौरान आवंटी ने सीईओ को बताई पीड़ा
- 10 दिन में अपडेट नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण के नवनियुक्त सीईओ नरेंद्र भूषण ने मंगलवार को संपत्ति विभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने देर से पहुंचे कर्मचारियों को चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी शिकायत मिली तो कार्रवाई होगी। पैसा जमा होने के बावजूद मॉर्टगेज परमिशन नहीं देने पर उन्होंने सख्त रुख अपनाया और कहा कि 10 दिन में काम पूरा करने के निर्देश दिए।
सीईओ नरेंद्र भूषण मंगलवार सुबह दस बजे कार्यालय पहुंच गए। संपत्ति विभाग के निरीक्षण में एक आवंटी को मॉर्टगेज परमिशन जारी नहीं होने की बात सामने आई। इसमें आवंटी ने पूरा पैसा जमा किया था। उन्होंने कहा कि जितने भी मॉर्टगेज (बंधक पत्र) के आवेदन हैं और उनका पैसा जमा है तो 10 दिन के भीतर मॉर्टगेज जारी करें। ऐसा न करने पर संबंधित कर्मचारी व अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। कोई आवंटी बकाया का भुगतान कर देता है तो उसे 10 दिन में अपडेट कर दिया जाए, ताकि लंबी अवधि बीतने के बाद आवंटी से चालान मांगने की जरूरत न पड़े। मंगलवार को औचक निरीक्षण में ऐसा एक केस सामने आने पर सीईओ ने नाराजगी जताई और दस दिन में भुगतान अपडेट करने को कहा। इस प्रकरण में आवंटी ने 2014 में भुगतान कर दिया था, फिर भी उस पर बकाया दिख रहा था। सीईओ ने कहा कि किसानों की आबादी के भूखंड वाली मांग को हल किया जाएगा। उद्यमियों और आवंटियों की समस्या प्राथमिकता पर निपटाई जाएंगी।
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खराब सड़कों का खुद करेंगे निरीक्षण
शहर की सड़कों की दशा को सुधारने के लिए सीईओ नरेंद्र भूषण खुद मुआयना करेंगे। जहां भी खराब सड़कों की शिकायत मिलेगी, वहां वह जाएंगे और दिक्कत मिलने पर संबंधित इंजीनियर के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा का इंफ्रास्ट्रक्चर पहले बना और लोग बाद में बसे। प्राधिकरण दफ्तर के सामने वाली सड़क को मॉडल के रूप में विकसित करते हुए बाकी को उसी तरह से दुरुस्त कराया जाएगा। इसमें उद्यमियों व कारोबारियों का सहयोग लिया जाएगा। वे चाहें तो रोटरी की तरह ही सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी ले सकते हैं। वे अपनी मर्जी से उस सड़क का नाम रख सकते हैं।
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