देशभर में चलेगा गंगा साक्षरता अभियान
- राजघाट पर गंगा प्रेमियों का सत्याग्रह, निकाला कैंडल मार्च
- तीन दिवसीय गंगा सम्मेलन के दूसरे दिन आंदोलन की आगे की रणनीति तय
- छात्रों से संवाद कायम कर आंदोलन से जोड़ा जाएगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। गांधी शांति प्रतिष्ठान में चल रहे गंगा सम्मेलन में भाग लेने आए पर्यावरणविद् एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रो. जीडी अग्रवाल उर्फ स्वामी सानंद के प्राणों की रक्षा के लिए राजघाट पर सत्याग्रह किया और कैंडल मार्च निकाला। इस मौके पर प्रार्थना की गई कि केंद्र सरकार स्वामी सानंद की मांगों को मान ले, जिससे उनका 88 दिन से चल रहा आमरण अनशन खत्म हो सके।
इससे पहले गंगा सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को गंगा प्रेमियों ने देशभर में गंगा साक्षरता अभियान चलाने का फैसला लिया है। इससे युवाओं को जोड़ने की कोशिश होगी। जल जन जोड़ो अभियान के संयोजक संजय सिंह ने बताया कि इसके लिए तकनीकी, प्रबंधन संस्थानों व विश्वविद्यालयों में छात्रों के साथ संवाद कायम किया जाएगा। इस दौरान युवाओं को बताया जाएगा कि स्वामी सानंद का अनशन गंगा से जुडे़ किन सवालों को लेकर है। साथ ही उनसे अपील होगी कि वह आंदोलन के समर्थन में अपनी आवाज उठाएं। इसके अलावा गंगा किनारे बसे एक हजार गांवों, ढाई सौ शहरों में इस आंदोलन से समाज को जोड़ने की कोशिश होगी। वहीं, आयोजकों का कहना है कि गंगा सम्मलेन के आखिरी दिन मंगलवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इसमें शिरकत करेंगे।
जल पुरुष राजेंद्र सिंह ने बताया कि सरकार की तरफ से बनाए गए गंगा कानून के प्रारूप व स्वामी सानंद व उनके विशेषज्ञ समूह के कानून के प्रारूप में भिन्नता है। केंद्रीय मंत्री गडकरी से मंगलवार को इस बारे में बात की जाएगी। तमिलनाडु के सामाजिक कार्यकर्ता डी. गुरुस्वामी ने दक्षिण भारत की दो नदियों में प्रदूषण के सवाल को उठाया। साथ ही गंगा आंदोलन में दक्षिण भारत का पूरा समर्थन देने का भरोसा दिया।