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जेएनयू में हिंसा के बाद धरना, रैली व प्रदर्शन पर रोक

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जेएनयू में भड़की हिंसा, धरना-प्रदर्शन पर पाबंदी
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- चुनावी नतीजे के बाद लेफ्ट और एबीवीपी कार्यकर्ता भिड़े, कई घायल
- घायलों का एम्स में चल रहा इलाज, पांच पर केस दर्ज

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में लाल सलाम की जीत के बाद रविवार आधी रात हॉस्टल में वामपंथी और एबीवीपी से जुड़े छात्रों में जमकर मारपीट हुई। इसमें कई छात्र घायल हो गए। सभी को एम्स में भर्ती करवाया गया है। उधर, कुछ वामपंथी छात्रों ने पेरियार हॉस्टल के वार्डन पर पथराव कर जान से मारने की धमकी दी है। बढ़ती हिंसा को देख विश्वविद्यालय प्रबंधन ने कैंपस में धरना, रैली व विरोध-प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। साथ ही चेताया है कि कैंपस में माहौल खराब करने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
रजिस्ट्रार प्रमोद कुमार ने सोमवार को छात्रसंघ, छात्रों, शिक्षकों को अपील नोटिस भेजा है। तनाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन ने स्कूल सेंटर के विभाग प्रमुख, ग्रिवांस सेल, डीन ऑफ स्टूडेंट व हॉस्टल के वार्डन के साथ आपातकालीन बैठक की। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने माना कि कैंपस में बाहरी छात्र मौजूद हैं। इसके चलते हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने डीन ऑफ स्टूडेंट, चीफ प्रोक्टर, चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर व सभी वार्डन को हॉस्टल व कैंपस में तलाशी अभियान चलाने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा है कि किसी छात्र के कमरे में बाहरी छात्र पाया जाता है या कोई बाहरी छात्र को अपने गेस्ट के रूप में ठहराता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने छात्रों से शांति बनाए रखने की भी अपील की है।
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- माही और झेलम हॉस्टल में मारा : एबीवीपी
छात्रसंघ पूर्व संयुक्त सचिव व एबीवीपी के पदाधिकारी सौरभ शर्मा के मुताबिक, रात तीन बजे माही और झेलम हॉस्टल में सो रहे छात्रों पर हमला किया गया। माही हॉस्टल में सबसे पहले सुजल यादव पर हमला हुआ, जिसके सिर पर गंभीर चोटें आईं है। इसके अलावा राजेश्वर कांत दूबे, सुशील कुमार व चंद्रवीर को भी गंभीर चोट लगी हैं। इन चारों का एम्स ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा है। अन्य छात्रों ने करीब चार बजे मुझे कॉल कर मदद की गुहार लगाई थी। बकौल सौरभ, मैं बाहर आया तो मेरे दोस्त का सिर फटा हुआ था। ऐसे वक्त में उनकी जान बचाता या वामपंथी छात्रों को तलाश कर मारपीट करताश्र। नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष एन साई बालाजी का आरोप निराधार है। सोमवार को पूरे दिन एम्स ट्रामा सेंटर में बीता। लेफ्ट के सैकड़ों छात्रों ने दिनभर माही हॉस्टल को घेरे रखा।
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- पुलिस की पीसीआर में जाकर बचाई जान : एन साईं बालाजी
नवनिर्वाचित छात्रसंघ अध्यक्ष व वामपंथी एकता पैनल के सदस्य एन साईं बालाजी के मुताबिक, एबीवीपी हार से बौखलाकर वामपंथी छात्रों को हॉस्टल में घुसकर पिटाई कर रही है। सोमवार तड़के कई छात्रों से मारपीट की गई। छात्रसंघ अध्यक्ष होने के नाते मैं उनकी मदद के लिए माही व झेलम हॉस्टल पहुंचा तो उग्र भीड़ ने मुझ पर हमला कर दिया। छात्रों की सलाह पर मैं पीसीआर में जाकर अपनी जान बचाई। एबीवीपी के छात्रों ने दर्जनों छात्रों से मारपीट की है। हालांकि पीसीआर में भी एबीवीपी के छात्रों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी।
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- जेएनयू छावनी में तब्दील, पांच पर एफआईआर
दिल्ली पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर पांच लोगों पर एफआईआर दर्ज कर ली हैं। दक्षिण-पश्चिम जिला डीसीपी देवेंद्र आर्य ने बताया कि दोनों पक्षों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच कर रही है। देर रात तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। जेएनयू में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। सीनियर पुलिस अधिकारियों को तैनात कर दिया गया है।
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- शिक्षक यूनियन में वामपंथी शिक्षकों ने निकाला मार्च
विश्वविद्यालय प्रबंधन की मनाही के बाद भी जेएनयू शिक्षक यूनियन से जुड़े वामपंथी शिक्षकों व छात्रों ने मार्च निकाला। इस जुलूस के माध्यम से एबीवीपी द्वारा जारी हिंसा की निंदा करते हुए कैंपस में शांति बहाल की मांग की।
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