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मुख्य सचिव के दफ्तर को घेराव, चार घंटे तक नहीं निकल सके बाहर

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मुख्य सचिव के दफ्तर का घेराव, चार घंटे तक बंद
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- दास व स्टोनो कैडर के कर्मी अपनी मांगों पर डटे रहे, सुरक्षा के लिए पुलिस बुलानी पड़ी
- बातचीत के दौरान मुख्य सचिव ने दिया मांगों पर फैसला करने का भरोसा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सचिवालय में सोमवार को दास व स्टोनो कैडर के कर्मचारियों ने मुख्य सचिव अंशु प्रकाश का घेराव किया। इससे वह चार घंटे तक अपने दफ्तर में कैद रहे। इस दौरान हालात को संभालने के लिए पांचवीं मंजिल पर पुलिस भी बुला ली गई थी। हालांकि, बाद में मुख्य सचिव ने कर्मचारियों को भरोसा दिया कि वह जल्द ही सेवा-शर्तों से जुड़ी मांग पर फैसला लेंगे। इसके बाद ही कर्मचारी वापस अपने काम पर लौटे। इससे पहले करीब 10 बजे जैसे ही मुख्य सचिव सचिवालय अपने कार्यालय पहुंचे, उसके कुछ मिनटों के अंदर सचिवालय में कार्यरत दास व स्टोनो कैडर के कर्मचारी दफ्तर के बाहर आ धमके। कर्मियों ने लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। शुरुआत में लगा कि कर्मी वापस लौट जाएंगे, लेकिन करीब चार घंटे तक मौके से कोई नहीं हटा।
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इस बीच सुरक्षा के लिए पुलिस बुला लिया गया था। वहीं, मुख्य सचिव दफ्तर में ही बैठे रहे। बताया जा रहा है कि इससे मुख्य सचिव को कई बैठकें भी रद्द करनी पड़ी। दोपहर करीब दो बजे मुख्य सचिव ने दास कैडर कर्मचारियों के कुछ लोगों को बातचीत के लिए बुलाया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे दास/स्टेनो कैडर एसोसिएशन के पदाधिकारी उमेश बत्रा ने बताया कि मुख्य सचिव में उनकी बातें सुनी। उन्हें बताया गया कि लंबे समय से कर्मचारियों की पदोन्नति नहीं हुई है। वहीं, नियमानुसार नियमित तौर पर कैडर के कर्मचारियों को पदोन्नति देने का प्रावधान है। बत्रा के मुताबिक, मुख्य सचिव ने भरोसा दिया है कि वह जल्द ही उनकी मांगों पर विचार कर फैसला लेंगे। इसके लिए उन्होंने 15 अक्तूबर तक का समय मांगा है।
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