डी-सीलिंग मामले में सदस्यों ने निगम अधिकारियों पर साधा निशाना
-आरोप लगाया कि डेढ़ साल से नहीं सुलझाई गई समस्या, नीति भी स्पष्ट नहीं है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की बैठक में डी-सीलिंग का मुद्दा एक बार फिर से गरमा गया। पार्षदों ने विरोध दर्ज करवाते हुए अधिकारियों पर पिछले डेढ़ वर्षों में इसपर स्पष्ट नीति न बनाने का आरोप लगाया। नतीजतन, इसमें देरी होने का खामियाजा सैकड़ों लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जवाब में अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद ही कार्रवाई की जा रही है। वहीं मुद्दे पर आरोप प्रत्यारोप शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष मीटिंग से उठकर चली गईं।
ईडीएमसी की स्थायी समिति की बैठक में डी-सीलिंग मामले को उठाते हुए सदस्यों ने जब निगम अधिकारियों पर देरी के लिए जिम्मेदारी थोपी तो एडीसी ने बताया कि इस मामले में मॉनीटरिंग कमेटी भी गंभीर है। पहले कुछ घरों को भेजे गए गलत नोटिस पर भी अगले सात दिनों में उचित कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि सड़कों पर अतिक्रमण के मामले में करावल नगर में 50 दुकानों को नोटिस भेजे गए हैं, जिनपर जल्द कार्रवाई होगी।
मीटिंग की रिकॉर्डिंग डिलीट, कार्रवाई के निर्देश
स्टैंडिंग कमेटी की पिछली बैठक के मिनट्स गायब होने पर सदस्यों पर आपत्ति जताते हुए अध्यक्ष सत्यपाल सिंह के समक्ष मुद्दा उठाया। अध्यक्ष ने इसको गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। कमिश्नर ने बताया कि मीटिंग के मिनट्स की जिम्मेदारी निगम सचिव की होती है, बावजूद इसके उन्होंने मीटिंग की रिकॉर्डिंग कमेटी अध्यक्ष को सौंपने के निर्देश दिए।