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सोसायटी में एसटीपी बनाने की अनुमति एमसीडी ने दी थी: डीजेबी

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सोसायटी में एसटीपी बनाने की अनुमति एमसीडी ने दी थी: डीजेबी
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-दिल्ली जलबोर्ड के वाइस चेयरमैन ने मामले से झाड़ा अपना पलड़ा
-डीएलएफ की कैपिटल ग्रीन सोसायटी में पांच लोगों की दम घुटने से मौत का मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मोती नगर इलाके में डीएलएफ की कैपिटल ग्रीन सोसायटी में टैंक में जहरीली गैस की चपेट में आकर पांच लोगों की मौत के मामले में दिल्ली जलबोर्ड ने निगम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। दिल्ली जलबोर्ड के वाइस चेयरमैन दिनेश मोहानिया का कहना है कि सोसायटी में एसटीपी टैंक बनाने की अनुमति दिल्ली नगर निगम ने दी थी। सोसायटी में मौजूद सीवर लाइन या एसटीपी टैंक का जलबोर्ड से कोई लेना देना नहीं है। सीवर व एसटीपी के रख-रखाव का जिम्मा डीएलएफ का है। इस मामले में दिल्ली पुलिस विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। पुलिस ने एसटीपी का रख-रखाव करने वाली निजी कंपनी के इंजीनियर अजय चौधरी को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक रविवार को मोती नगर स्थित डीएलएफ कैपिटल ग्रीन सोसायटी के पी-टॉवर में छह मजदूर एसटीपी टैंक की सफाई के लिए उतरे थे। एक मजदूर प्रदीप तो बाल-बाल बच गया था, लेकिन सरफराज, पंकज, राजा, उमेश और विशाल की मौत हो गई थी। जांच में पता चला कि सभी मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतार दिया गया था। दिल्ली सरकार ने घटना की जांच के आदेश देते हुए तीन दिन में रिपोर्ट देने के लिए कहा था। अब मामले में दिल्ली जलबोर्ड के अधिकारी अपना पलड़ा झड़ते हुए एमसीडी पर एसटीपी टैंक बनाने की अनुमति देने का आरोप लगा रहे हैं।
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सफदरजंग इलाके में नाले से मिली सिरकटी लाश
नई दिल्ली। सफदरजंग एंक्लेव इलाके में मंगलवार शाम शमशान घाट के पास नाले से एक युवक की सिरकटी लाश मिलने से सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक का सिर बरामद नहीं हो पाया है। पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन कर रही है। आसपास के थानों में मृतक की शिनाख्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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