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जाकिर हुसैन कॉलेज में मारपीट-तोड़फोड़ मामला

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थमा प्रचार, शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का ‘संग्राम’
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- जाकिर हुसैन कॉलेज में मारपीट-तोड़फोड़ का मामला
- एनएसयूआई ने एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी का नामांकन रद करने की मांग की
- एबीवीपी बोली, संगठन को बदनाम करने का रचा गया षड्यंत्र

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव को लेकर प्रचार अभियान भले ही थम गया है। लेकिन छात्र संगठनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है। एनएसयूआई ने तोड़फोड़ व मारपीट करने के मामले में एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी शक्ति सिंह का नामांकन रद्द करने की मांग की है। साथ ही इस संबंध में एक ज्ञापन व मारपीट का क्लिप चुनाव समिति को सौंपा हैं।
सोमवार को जाकिर हुसैन कॉलेज (सांध्य) में एबीवीपी के उपाध्यक्ष पद के प्रत्याशी शक्ति सिंह व उनके समर्थकों की ओर से प्रचार के दौरान मारपीट व तोड़फोड़ करने का मामला सामने आया। आरोप है कि उनके समर्थकों के पास हॉकी, डंडे, ब्लेड और रॉड मौजूद थे। एनएसयूआई का आरोप है कि एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने विरोधी छात्रों की पिटाई की है। प्रेस कांफ्रेस में एनएसयूआई ने कहा कि हार के डर से घबराई एबीवीपी छात्रों को धमका रही है। एनएसयूआई ने चुनाव समिति से मांग की है कि शक्ति सिंह का नामांकन रद्द किया जाए। साथ ही हिंसक घटनाओं में लिप्त असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई की जाए। एनएसयूआई ने इस संबंध में पुलिस को शिकायत देकर एक वीडियो क्लिप भी प्रशासन को सौंपी है, जिसमें शक्ति सिंह अपने समर्थकों के साथ कॉलेज में घुसकर मारपीट व तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं
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एबीवीपी ने क्लिप को बताया षड्यंत्र
एबीवीपी ने जाकिर हुसैन कॉलेज (सांध्य) में हुई घटना की निंदा कर इसे संगठन को बदनाम करने की साजिश करार दिया है। एबीवीपी का कहना है कि तीन दिन पहले अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अंकिव बसोया भी कॉलेज गए थे। उस समय भी उन्हें कॉलेज में प्रवेश करने से रोका गया था। वहीं, सोमवार को उपाध्यक्ष पद पर प्रत्याशी शक्ति सिंह जब जाकिर हुसैन कॉलेज में गए तो उन्हें भी रोका गया। जबकि कॉलेज में रात आठ बजे तक प्रचार की अनुमति थी। एबीवीपी ने एनएसयूआई व सीवाईएसएस-आइसा पर हमला बोलते हुए कहा कि पूर्वाग्रह से ग्रसित लोग संगठित रूप से विद्यार्थी परिषद की संभावित जीत को देखते हुए बौखलाए हुए हैं।
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