राजधानी में दुकानों और औद्योगिक इकाइयों को गैरकानूनी तरीके से सीलिंग से मुक्ति दिलवाने के लिए प्रदेश कांग्रेस ने अभियान शुरू कर दिया। कांग्रेस ने गांधी नगर में न्याय युद्ध से शुरू हो रही रैली में ‘गैर-कानूनी सीलिंग रोको वरना गद्दी छोड़ दो’ के नारे के साथ भाजपा और आम आदमी पार्टी को ललकारने का फैसला लिया है।
इस आंदोलन के संयोजक पूर्व विधायक मुकेश शर्मा ने बताया कि बुधवार को होने वाले न्याय युद्ध में व्यापारी व कांग्रेस कार्यकर्ता जुलूस के रूप में अलग-अलग टोलियों में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए न्याययुद्ध स्थल पर पहुंचेंगे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश कांग्रेस के न्याययुद्ध को औद्योगिक इकाइयों, दुकानदारों और मजदूर संगठनों का खुला समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली कांग्रेस ने निर्णय लिया है कि हर हालत में गैर-प्रदूषित इकाइयां जिन्हें गैर-कानूनी तरीके से सील किया जा रहा है, कांग्रेस पार्टी अपने अभियान से सरकार पर दबाव डालकर इनको न्याय दिलाएगी।
गांधी नगर में न्याय युद्ध शुरू करने की खास वजह
कांग्रेस का न्याय युद्ध गांधी नगर में शुरू होने की खास वजह है। इस इलाके में अधिकांश हाउस होल्ड सामान बनाया जाता है। हाउस होल्ड उद्योग की श्रेणी में नहीं आता। इसके बावजूद इलाके में सीलिंग की तैयारियां चल रही हैं। इलाके में करीब 15 हजार घरों में हाथ से काम किया जाता है। ऐसे में जहां वायु प्रदूषण या शोर नहीं होता। कांग्रेस के कार्यकाल में इन घरों में काम करने की मंजूरी प्रदान कर दी गई थी। अदालत ने भी एमसीडी को इन सभी को लाइसेंस प्रदान करने का निर्देश दिया था।
इलाके में करीब 1500 लोगों को ही लाइसेंस प्रदान किया गया है और अन्य के लाइसेंस आवेदन तीन से चार वर्षों से लंबित पड़े हैं। अब सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की आड़ में हाउस होल्ड यानी घरों में हाथ से काम करने वाले लोगों पर भी सीलिंग की तलवार लटक गई है। कांग्रेस ने इसी कारण इस इलाके को सबसे पहले अपने न्याय युद्ध अभियान से जोड़ा है।