छात्रों को डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराए जाएंगे
- केरल के बाढ़ प्रभावित छात्रों को सीबीएसई ने दी सुविधा
- बाढ़ के चलते छात्रों के दस्तावेज हो गए हैं खराब
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अब केरल में बाढ़ प्रभावित छात्रों की मदद करने जा रहा है। बोर्ड छात्रों को डिजिटल दस्तावेज उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करेगा। बाढ़ के चलते काफी छात्रों के दस्तावेज खराब हो गए हैं। ऐसे में बोर्ड ने कहा है कि मार्कशीट, माइग्रेशन प्रमाणपत्र व अन्य प्रमाणपत्र वह डिजिटल रूप से प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल दस्तावेज पर परीक्षा नियंत्रक के डिजिटल हस्ताक्षर होते हैं, इस कारण वह वैध भी होते हैं।
केरल में सीबीएसई से संबद्ध 1300 स्कूल हैं। बोर्ड ने कहा कि रोजगार व उच्च शिक्षा के लिए बोर्ड के सभी परीक्षा संबंधी दस्तावेज काफी महत्वपूर्ण होते हैं। डिजिटल दस्तावेज परिणाम मंजूषा लॉकर के जरिये उपलब्ध कराए जाएंगे। इन दस्तावेज पर अंकित क्यूआर कोड के माध्यम से इन्हे वेरिफाई भी किया जा सकता है।
- छात्र ऐसे प्राप्त कर सकते हैं दस्तावेज
सीबीएसई के अनुसार, छात्र डिजी लॉकर की वेबसाइट से लॉगइन आईडी व पासवर्ड का उपयोग कर दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं। छात्रों की मदद के लिए बोर्ड वर्ष 2016 से 2018 तक के 10वीं व 12वीं के छात्रों के पंजीकृत नंबरों पर परिणाम मंजूषा लॉकर की लॉग इन आईडी व पासवर्ड फिर से भेजेगा। साथ ही 2004 से 2015 के दौरान परीक्षा पास करने वाले छात्र व वर्ष 2016 से 2018 के वह छात्र जिन्होंने मोबाइल नंबर पंजीकृत नहीं कराया था और नंबर भी बदल लिया है, वह अपने आधार नंबर को परिणाम मंजूषा डिजी लॉकर खाते से जोड़कर रोल नंबर और परीक्षा वर्ष का विवरण व उपलब्ध दस्तावेज डाउनलोड कर सकते हैं। जिनके पास आधार कार्ड नहीं है या रोल नंबर याद नहीं, वह स्वयं या अपने अभिभावकों के जरिये स्कूल से संपर्क कर सकते हैं। बोर्ड ने वेबसाइट पर एक लिंक भी शुरू किया है। इसके माध्यम से स्कूल इन छात्रों को पंजीकृत कर सकते हैं।