मिथिला पेंटिंग से सतरंगी हुई बिहार संपर्क क्रांति
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मिथिला पेंटिंग की अपनी अलग पहचान है। यही वजह है कि देश-विदेश में इस कला की ख्याति है। इससे प्रभावित होकर रेलवे ने भी अपने ट्रेनों में मिथिला पेंटिंग उकेर कर ट्रेनों की सुंदरता बढ़ा रहा है। बिहार संपर्क क्रांति ट्रेन के कोच को इस मधुबनी पेंटिंग से पूरी तरह संवारा गया है। यह ट्रेन बृहस्पतिवार को बिहार के दरभंगा से चलकर नई दिल्ली स्टेशन पहुंची है।
बिहार संपर्क क्रांति (12565/12566 ) ट्रेन के कोचों पर पेंटिंग के माध्यम से प्राकृतिक सौदर्य को उकेरा गया है। इस पेंटिंग में जंगल, ग्रामीण जीवन, परिवहन व्यवस्था, ग्रामीन रसोई, बेटी-बचाओ-बेटी-पढ़ाओ, दहेज प्रथा उन्मूलन, सूर्योदय, नदी में तैरती मछलियां, पशु-पक्षी, झरने, फलों से लदे पेड़ समेत कई आकृतियों से सजाया गया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि एक कोच को संवारने के लिए 30 कलाकारों ने चार दिनों का समय लगाया है। उन्होंने बताया कि इस ट्रेन के नौ कोचों को मिथिला पेंटिंग से संवारा गया है। अन्य कोच को जल्द ही तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पटना राजधानी ट्रेन को भी ऐसे ही संवारने की योजना है। शुक्रवार को यह ट्रेन नई दिल्ली स्टेशन पर प्रदर्शन के लिए लगाई जाएगी।