एम्स के नर्सिंग कॉलेज में लगी भीषण आग
भागदौड़ मची, कॉलेज को कराया गया खाली
शॉर्ट सर्किट से लगी आग, कोई हताहत नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान एम्स में सोमवार को उस वक्त भागदौड़ मच गई, जब नर्सिंग कॉलेज में आग लगने की खबर फैली। आनन-फानन में प्रबंधन के अधिकारी भी दौड़ते हुए कॉलेज परिसर तक पहुंचे और वहां से कॉलेज को खाली कराने का सिलसिला शुरू हुआ। इसी बीच आगजनी की सूचना मिलने के बाद अग्निशमन विभाग के 10 दमकल वाहन भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आग कई कमरों में लग चुकी थी। आग पर काबू पाने के लिए दमकल कर्मचारियों के साथ एम्स के भी कर्मचारियों को सहयोग देना पड़ा। हालांकि घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं मिली है।
एम्स में सोमवार दोपहर दूसरी मंजिल पर अचानक आग लग गई। आग एम्स की दूसरी मंजिल के कई कमरों तक पहुंची। इस मंजिल पर नर्सिंग कॉलेज है। अग्निशमन विभाग के अनुसार, आग दोपहर करीब 12 बजकर 50 मिनट पर लगी थी। एम्स के ओल्ड ओटी के नजदीक इस कॉलेज में कई कमरे आग की चपेट में आ गए। प्रारंभिक तौर पर इस घटना को शॉर्ट सर्किट से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि एम्स प्रबंधन ने भी आंतरिक तौर पर इसकी जांच करने का निर्णय लिया है।
हर दो महीने में किया जाता है निरीक्षण
एम्स के नर्सिंग कॉलेज में आग लगने की घटना के बाद कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं। कुछ लोगों का कहना है कि हर दो महीने में बिजली उपकरणों सहित तमाम आपातकालीन स्थितियों का निरीक्षण किया जाता है। एम्स प्रबंधन के अधिकारी हर बार ये निरीक्षण करते हैं, बावजूद इसके शॉर्ट सर्किट की वजह से इतनी बड़ी आग लगना गंभीर लापरवाही की ओर इशारा कर रही है। उधर, एम्स प्रबंधन के भी कुछ अधिकारियों का कहना है कि मई माह में ही एक सर्कुलर निकाला गया था, जिसमें सभी तरह के उपकरणों की अच्छी तरह से मरम्मत करने और देखभाल के निर्देश दिए थे, लेकिन आग की इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि उन निर्देशों का सही तरह से पालन नहीं किया गया है।