--
जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण का मामला
-
सहमति देने वालों का भी विरोध कर रहे किसान
- सर्किल रेट से चार गुना मुआवजे की मांग, डीएम ने किसानों से एक सप्ताह में जवाब देने को कहा
- जमीन देने की सहमति के लिए छह गांव के किसानों के साथ तीन जगह की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
जेवर।
जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट की जमीन पर सहमति बनाने के लिए डीएम ने रविवार को छह गांव के किसानों के साथ तीन जगह बैठक की। मौके पर कई किसान जमीन देने को तैयार हो गए, लेकिन कुछ किसानों ने सहमति देने वालों का विरोध शुरू कर दिया। विरोध कर रहे किसान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा व विस्थापन नीति में बदलाव की जिद पर अड़े रहे। इस पर डीएम ने किसानों को एक सप्ताह में अपना जवाब देने को कहा है।
रविवार को डीएम बीएन सिंह, यीडा के ओएसडी शैलेंद्र भाटिया, एसडीएम प्रसून द्विेदी व तहसीलदार अभय सिंह की टीम दयानतपुर में किसानों से करने पहुंची। जिलाधिकारी ने किसानों को एयरपोर्ट बनने पर होने वाले फायदे बताए। डीएम ने क्षेत्र का विकास होने और युवाओं को रोजगार के लिए एयरपोर्ट को जमीन देने की अपील की। वहां मौजूद कुछ लोग चार गुना मुआवजा व विस्थापन नीति में बदलाव की मांग करने लगे। वहीं, दयानतपुर के आधा दर्जन किसानों ने जिलाधिकारी को अपनी जमीन देने पर सहमति देने की बात कही। वहीं मौजूद कुछ अन्य लोगों ने शोर मचाते हुए सहमति देने वालों का विरोध किया।
इस पर जेवर कोतवाली प्रभारी सुरेंद्र सिंह भाटी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। स्थिति सामान्य हो गई। वहीं, दोपहर में नगला छीतर में वार्ता शुरू हुई। वहां भी किसानों ने आबादी की जमीन के बदले जमीन व चार गुना मुआवजे की मांग को दोहराया। दोपहर बाद किशोरपुर गांव में आयोजित वार्ता में भी किसानों ने मुआवजा बढ़ाने और विस्थापन नीति को बेहतर करने की मांग की। डीएम ने किसानों से एक सप्ताह में प्रारूप पांच पर फैसला लेने को कहा।
कांग्रेसी नेताओं को किसानों वापस लौटाया
किशोरपुर गांव में रविवार दोपहर 2 बजे से किसानों की डीएम से वार्ता थी। उसी समय कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र नागर भी किसानों के बीच पहुंचे। किसानों ने इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का विरोध किया। किसानों ने अपनी मांग सरकार और प्रशासन के सामने सीधे रखने की बात कही और कांग्रेस पदाधिकारियों को मंच से जाने के लिए कह दिया। कांग्रेस नेताओं के किसानों की पंचायत में पहुंचने की सूचना पर स्थानीय भाजपा के कार्यकर्ता भी एकजुट होकर किशोरपुर पहुंच गए। वहीं दूसरी जगह बैठक में भी दोनों पार्टियों के नेताओं में जमकर नोकझोंक भी हुई।
अब तक कुल 231 किसानों ने दी सहमति
अब तक 231 किसान एयरपोर्ट के लिए जमीन देने पर सहमति दे चुके हैं। 16 अगस्त को रोही गांव में किसानों से वार्ता के बाद करीब 150 किसानों ने जमीन देने पर सहमति दी थी। इसके बाद इसी गांव से 60 और किसानों ने सहमति दे दी। रविवार को भी 21 किसानों ने सहमति दे दी है।