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जेवर एयरपोर्ट------डीएम ने रोही में की बैठक, नहीं मिली सहमति

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जेवर में प्रस्तावित एयरपोर्ट का मामला
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चार गुना मुआवजे पर अड़े किसान
- डीएम ने रोही में की बैठक, नहीं मिली सहमति, आज किसानों से लिखित में हां या ना की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
जेवर।
जेवर एयरपोर्ट की जमीन के लिए रोही गांव में किसानों से सहमति लेने की डीएम की कोशिश सफल नहीं रही। किसान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा और सुविधाओं की मांग पर अड़े रहे। विस्थापन नीति से भी किसान खुश नहीं दिखे। डीएम ने किसानों को समझाने का खूब प्रयास किया, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला।
जिलाधिकारी बीएन सिंह, उपजिलाधिकारी जेवर प्रसून कुमार व तहसीलदार अभय कुमार सिंह बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे रोही गांव के प्राथमिक स्कूल पहुंचे। किसानों से जमीन अधिग्रहण पर मतभेदों को खत्म करने के लिए वार्ता की। डीएम ने कहा कि वे सरकार की बात सीधे किसानों तक और किसानों की बात सीधे सरकार तक पहुंचाने के लिए आए हैं, ताकि किसान ये न कहें कि शासन का कोई नुमाइंदा नहीं आया, इसलिए हमने जमीन नहीं दी। डीएम ने कहा कि अगर जेवर एयरपोर्ट नहीं बना तो आने वाले 20-25 साल तक यहां किसी तरह का विकास नहीं हो सकेगा। जमीन के रेट एक दम से बढ़ने के बजाय और कम हो जाएंगे।
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डीएम से पूरी बात सुनने के बाद किसानों ने कहा कि सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा व नौकरी मिलने पर ही जमीन देंगे। साथ ही विस्थापन नीति को और बेहतर बनाई जाए। डीएम ने किसानों से हां या ना लिखकर देने को कहा तो कोई किसान तैयार नहीं हुआ, फिर भी डीएम ने कहा कि आज (शुक्रवार) गांव में प्रारूप पांच (सहमति या असहमति देने का फॉर्म) बंटवाने को कहा और किसानों से अपील की कि वे सहमति या असहमति भरकर दे दें। डीएम ने आश्वस्त किया कि किसी किसान से जबरन जमीन नहीं ली जाएगी।

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रोही के किसानों की प्रतिक्रिया

रोही का सर्किल रेट का 1116 रुपये है। प्रशासन ने सर्किल रेट में 700 रुपये बढ़ाकर मुआवजा देने की बात कही है, जबकि मौजूदा मुआवजा दर (2300) दोगुने सर्किल रेट (2232) से 68 रुपये ही अधिक है। प्रशासन गुमराह कर रहा है। राजेश सिंह, रोही

सरकार नोएडा के सर्किल रेट के हिसाब से दोगुना मुआवजा दे, अन्यथा खेती की जमीन का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना दे। प्रभावित परिवार को निजी या सरकारी नौकरी दे, तभी किसान जमीन देने को तैयार होंगे।- शैलेंद्र सिंह, रोही ।

गांव के सभी परिवार मौजूदा समय में जितनी जमीन पर घर बनाकर रहते हैं उतनी ही जमीन पर मकान बनाकर दे। साथ ही सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा मिले। प्रशासन चाहे तो 100-200 रुपये कम देकर विवाद निपटा सकता है।
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- जयवीर सिंह, रोही।

रोही गांव पूरी तरह से विस्थापित किया जाना है। सरकार गांव को जेवर से दो किलोमीटर के दायरे में बसाने के बाद बिजली पानी सड़कें स्कूल व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जैसी मूलभूत सुविधाएं तैयार करा ले उसके बाद ही विस्थापन करे। गांव में चौपाल और मंदिर भी बनाकर दे। - संजय सिंह, रोही।
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