हेड : तैयार हो गया अभेद्य किला
सबहेड : लाल किले पर 72वें जश्न-ए-आजादी का रिहर्सल, तैयारियों को परखा
प्वाइंटर : तीनों सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस व एनसीसी कैडेट की टुकड़ियों ने की परेड
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली । 72 वें जश्न-ए-आजादी की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की गई। इसमें गार्ड ऑफ ऑनर, तीनों सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस व एनसीसी कैडेट की टुकड़ियों ने परेड की सलामी देते तैयारियों को परखा। जबकि स्कूली बच्चों ने तिरंगे के साथ नीले रंग से भारत लिखकर स्वतंत्रता, अखंडता, भाईचारे, विभिन्नता में एकता व समृद्धि का संदेश भी दिया। इस बार खास बात यह है कि स्वतंत्रता दिवस पर दर्शकों को लाल किला तिरंगे संग लिपटा मिलेगा। दरअसल पहली बार लाल किले के ऊपर लंबा तिरंगा फहराया जा रहा है।
लाल किले में सुबह सवा 5 बजे से अलग-अलग स्कूलों की बस जामा मस्जिद के बाहर इकट्ठी होनी शुरू हो गयी। सफेद, केसरिया, हरे व नीले रंग में लाइन लगाकर दिल्ली के सरकारी व निजी स्कूलों के लगभग आठ हजार से अधिक बच्चे अभेद्य किले में प्रवेश कर गए। थोड़ी देर बाद लाल किले के प्राचीर के सामने भारत की पहचान, संस्कृति को दर्शाती सात भाषाओं में देशभक्ति के गीत गूंजने लगे। कश्मीरी, उड़ीया, गुजराती, डोगरी, पंजाबी आदि भाषाओं से बच्चों ने पौने छह से सवा सात बजे तक देश की अखंडता, समृद्धि का गुणगान किया।
दिल्ली गेट पर 7.15 पर पीएम काफिले की एंट्री तो 8.30 पर एग्जिट
लाल किले के दिल्ली गेट से सुबह सवा सात पर हुटर बजाती गाड़ियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले का आगाज कर रही थीं। सिक्योरिटी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का डमी काफिला लाल किले के प्राचीर तक पहुंचता है। डमी काफिले से रक्षा मंत्रालय के अधिकारी उतरकर लिफ्ट से मंच तक पहुंचते हैं।
गार्ड ऑफ ऑनर के बाद सेना के परेड की सलामी
सबसे पहले गार्ड ऑफ ऑनर के बाद बैंड व तीनों सेना की टुकड़ियों के परेड की सलामी देते हुए कार्यक्रम का आगाज हुआ। उसके बाद मंच पर तिरंगा फहराया गया। जैसे ही आसमां पर तीन रंगों से सजा तिरंगा सजा, वैसे ही राष्ट्रीय धुन से लाल किले का चप्पा-चप्पा आजादी के जश्न में डूब गया। राष्ट्रीय धुन के साथ 21 तोपों की सलामी से जश्न के रंग बिखरने शुरू हो गए। राष्ट्रगान के बाद परेड की टुकड़ियां वापस लौट गई। वहीं, आसमां रंग-बिरंगे गुब्बारों से गुलजार हो उठता है।
रक्षा राज्यमंत्री ने सुरक्षा तैयारियों का लिया जायजा
जश्न-ए-आजादी की तैयारियों की जायजा रक्षा मंत्रालय के राज्यमंत्री सुभाष भामरे ने किया। रक्षा राज्यमंत्री ने सेना को देश की सुरक्षा और बच्चों को देश के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने का आग्रह किया। इसके बाद अधिकारियों ने छात्रों समेत सुरक्षा कर्मियों को प्रधानमंत्री के देश को संबोधन के दौरान किन निर्देशों का पालन करना है की विशेष जानकारी भी दी। करीब साढ़े आठ बजे राष्ट्रगान के साथ प्रधानमंत्री का काफिला लौट गया। साथ ही फुलड्रेस रिहर्सल का भी समापन हो गया।
भारत थीम पर करीब पौने घंटे का होगा भाषण
15 अगस्त 2018 को देश और दुनिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने भाषण में शहीदों की शहादत को नमन करने के साथ आजादी के 72 रंग का संदेश देंगे। उनके भाषण में जहां नए भारत की तस्वीर का खाका देखेंगे तो बेटियां जश्न का संदेश देंगी। कार्यक्रम में भारत शब्द से लेकर दुनिया में उसकी महत्ता पर जानकारी देंगे। लाल किले के प्राचीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बिल्कुल सामने चांदनी चौक की और तिरंगे के बीच नीले रंग से बच्चे भारत शब्द से सबको आकर्षित करेंगे। कार्यक्रम की थीम भारत है और उसी के तहत भारत शब्द जश्न का संदेश देगा।
थ्री लेयर से किला, एनएसजी ने बनाया अभेद्य
मोदी के किले को अभेद्य बनाने के लिए तीन घेरे की सुरक्षा व्यवस्था गठित की गयी है। किले के बाहर नेताजी सुभाष मार्ग को दिल्ली पुलिस, उसके पीछे पैरा मिलिट्री पुलिस तो किले की अंदरूनी सुरक्षा एनएसजी के ब्लैक कंमाडो के हाथों में थी। लगभग पांच हजार से अधिक दिल्ली पुलिस के जवानों ने लाल किला, जामा मस्जिद से लेकर आसपास के इलाकों को अपने सुरक्षित घेरे में ले रखा है।
-तीसरी आंख भी दे रही सहयोग
गौरी शंकर मंदिर व जैन मंदिर के सामने स्थित लाल किले की चौकसी में सुरक्षा कर्मियों के साथ तीसरी आंख व स्निफर डॉग की भी पैनी निगाहें हैं। जश्न-ए-आजादी के जश्न के लिए खास लाल किले से लेकर जामा मस्जिद व चांदनी चौक एरिया के सीसीटीवी को दुरुस्त किया गया है और उसकी लाइव रिकार्डिंग पर पुलिस के आलाधिकारी नजर रख रहे हैं। वहीं, आसपास के भवनों पर शार्प शूटर भी तैनात किए गए हैं, ताकि दूर से अराजक तत्वों की हरकतों को देखा जा सके।