मुख्यमंत्री व उपमुख्यमंत्री पर तैयार चार्जशीट साजिश का हिस्सा
- दिल्ली सरकार के चार मंत्रियों ने जारी किया संयुक्त बयान, प्रधानमंत्री व भाजपा अध्यक्ष पर लगाया आरोप
- दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश रचने का लगाया आरोप, अदालत से जताई उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री समेत 11 विधायकों के खिलाफ पुलिस की चार्ज शीट पर दिल्ली सरकार के मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी किया है। मंत्री सत्येंद्र जैन, गोपाल राय, राजेंद्र पाल गौतम व इमरान हुसैन ने पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बताया है। वहीं, आरोप लगाया है कि दिल्ली पुलिस ने काल्पनिक और निराधार आरोपों के आधार पर बोगस चार्जशीट तैयार किया है। यह सरकार को परेशान करने की साजिश है।
मीडिया में जारी संयुक्त बयान में कहा गया है कि फरवरी 2015 में दिल्ली में पार्टी की करारी हार को प्रधानमंत्री और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहन नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि, मंत्रियों ने कहा है कि अदालत इनकी सारी साजिशों को बेनकाब कर देती है। फास्ट ट्रैक अदालतों ने 5 माह में 22 में से 19 मामलों में चुने हुए विधायकों को बरी/दोषमुक्त कर दिया है। विधायकों के खिलाफ सभी मामले फरवरी 2015 के बाद के थे। आरोपों का सिलसिला यही नही थमा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अवैध नोटिफिकेशन से दिल्ली सरकार से अधिकार छीनने में लगी है। चार महीने से ज्यादा वक्त तक राज्यपाल दफ्तर पर 400 फाइलों की छानबीन की गई लेकिन कुछ नहीं मिला। इस साजिश के नाकाम होने पर अब मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को बदनाम करने के मकसद से साजिश रही गयी है।
मंत्रियों के मुताबिक, दिल्लीवालों को सुरक्षा देने का बुनियादी काम करने की जगह पुलिस छह महीने से मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री को फर्जी मामले में फंसाने में लगी है।