दिल्ली में सीलिंग रोकने के लिए किया है छलावा : निगरानी समिति
- सुप्रीम कोर्ट में दी रिपोर्ट में समिति ने कई बड़े खुलासे किए
- डीडीए से लेकर दिल्ली पुलिस तक को रिपोर्ट में बताया जिम्मेदार
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। सीलिंग को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में निगरानी समिति ने एक रिपोर्ट दाखिल की है, जिसमें समिति की ओर से कई बड़े खुलासे किए हैं। समिति ने रिपोर्ट में सीलिंग के पीछे डीडीए से लेकर दिल्ली पुलिस तक को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही कहा है कि सीलिंग को लेकर केंद्र सरकार ने बनाई विशेष कमेटी महज एक छलावा है। निगरानी समिति को सीलिंग से दूर रखने के लिए यह महज एक राजनैतिक कदम उठाया है, जबकि दिल्ली में काफी दिन से सीलिंग नहीं हुई है। इतना ही नहीं समिति ने अपनी रिपोर्ट में ये भी कहा है कि जिस दिन से सरकार ने विशेष कमेटी का गठन किया है। तब से लेकर अब तक एक भी प्रॉपर्टी को सील नहीं किया गया।
समिति ने कोर्ट के समक्ष दिल्ली नगर निगम को भी आड़े हाथों लिया है। रिपोर्ट में कहा है कि जब भी निगम को सीलिंग से जुड़े निर्देश दिए जाते हैं तो वहां के अधिकारी स्पष्ट रूप से टालमटोली में जुट जाते हैं। टास्क फोर्स की आड़ में सीलिंग को लेकर निगरानी समिति और कोर्ट को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। रिपोर्ट में इस विशेष टास्क फोर्स के गठन पर सवाल खड़े करते हुए समिति ने नाराजगी व्यक्त की है।
दरअसल, कुछ समय पहले दिल्ली विकास प्राधिकरण के उच्च अधिकारियों ने निगम, दिल्ली पुलिस, केंद्र एवं दिल्ली सरकार के उच्च विभागाधिकारियों के साथ मिलकर एक टास्क फोर्स का गठन किया था। पिछले तीन माह के दौरान करीब छह बार हुई टास्क फोर्स की बैठक में करीब कई हजार किलोमीटर फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त कराने का दावा किया है। साथ ही कई वाहनों को जब्त करने और चालान का भी दावा फोर्स ने अपनी रिपोर्ट में किया, लेकिन निगरानी समिति ने इन दावों को झूठा बताया है। साथ ही कहा है कि टास्क फोर्स ने अब तक एक भी प्रॉपर्टी को सील क्यों नहीं किया? अतिक्रमण को लेकर भी समिति ने टास्क फोर्स के अफसरों की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।