पार्षदों को सदन की बैठकों की वीडियो रिकार्डिंग नहीं देती निगम
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। संसद और दिल्ली विधानसभा की भांति तीनों नगर निगम अपने सदन और अन्य समितियों की बैठकों की वीडियो रिकार्डिंग कराती है, लेकिन पार्षदों को इन बैठकों की रिकार्डिंग की प्रति उपलब्ध कराने की कोई व्यवस्था नहीं कर रखी है। खास बात यह है कि पार्षदों के बैठकों की रिकार्डिंग की प्रति मांगने पर भी नहीं दी जाती है। इस संबंध में अधिकारियों का तर्क भी चौंकाने वाला है। वह इस मामले की जिम्मेदारी पार्षदों के कंधों पर ही डाल रहे है।
तीनों निगम अपने सदन और अन्य समितियों की बैठकों की वीडियो रिकार्डिंग नहीं मिलने के संबंध में पार्षद वेदपाल ने आयुक्त से इस माह एक सवाल पूछा, जिसका आयुक्त की ओर से चौंकाने वाला उत्तर मिला। उन्होंने बताया कि सदन की बैठक की रिकार्डिंग की प्रति पार्षदों को देने के संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं है। इसके अलावा डीएमसी एक्ट में पार्षदों को बैठक की रिकार्डिंग की प्रति देने का कोई प्रावधान नहीं है। इतना ही नहीं, नगर निगम की ओर से इस बारे में सदन में कोई प्रस्ताव पास नहीं किया गया है।
दूसरी ओर नगर निगम बैठकों की वीडियो रिकार्डिंग सुरक्षित रखने के संबंध में भी अधिकारियों ने कोई मापदंड तय नहीं कर रखे है। नगर निगम बैठकों की रिकार्डिंग की डीवीडी और सीडी की प्रति रखती है। नगर निगम की इस व्यवस्था को लेकर तीनों नगर निगम के पार्षद कई बार सदन की बैठकों में रोष जता चुके है।