स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशक को कोर्ट का सम्मन
- ईडी ने दायर किया पूरक आरोपपत्र, गुजरात की है कंपनी
- पांच हजार करोड़ से ज्यादा की बैंक धोखाधड़ी से जुड़ा है मामला
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। अदालत ने पांच हजार करोड़ की धोखाधड़ी मामले में गुजरात की फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशक को सम्मन जारी किया है। ईडी द्वारा दायर किए गए पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने मामले में कंपनी निदेशक को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।
पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सतीश अरोड़ा ने गुजरात की फार्मा कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक के निदेशक राजभूषण ओमप्रकाश दीक्षित को 8 अगस्त को कोर्ट में पेश होने के लिए सम्मन जारी किया है। इससे पहले कोर्ट ने फरवरी में राजभूषण को न्यायिक हिरासत में भेजा था। बैंक से पांच हजार करोड़ से ज्यादा की धोखाधड़ी के इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा कोर्ट में दायर किए गए पूरक आरोपपत्र पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने दीक्षित को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। इससे पहले सीबीआई ने अक्तूबर 2017 में कंपनी के खिलाफ आरोप लगाया था कि कंपनी ने आंध्र बैंक की अगुवाई में बैंकों के एक संघ से ऋण लिया था, जो अब गैर-निष्पादित आस्तियां (डूबा हुआ कर्ज) बन चुका है।
इस मामले में राजभूषण के अलावा स्टर्लिंग बायोटेक कंपनी के निदेशकों चेतन जयंतीलाल संदेसरा, दीप्ति चेतन संदेसरा, नितिन जयंतीलाल संदेसरा, विलास जोशी और चार्टर्ड अकाउंटेंट हेमंत हैती को भी आरोपी बनाया गया। इसके साथ ही आंध्रा बैंक के पूर्व निदेशक अनूप गर्ग और कई अज्ञात लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया था। इस कंपनी और इसके प्रमोटर्स नितिन संदेसरा व चेतन संदेसरा के खिलाफ ईडी ने अक्तूबर 2017 में मनी लॉन्ड्रिंग का भी मामला दर्ज किया था।