एनजीटी ने दिया ग्रैप को सख्ती से लागू करने का दिया आदेश
- पीठ ने कहा आदेश भरपूर, बस लागू करने की जरूरत
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) को वायु प्रदूषण के विभिन्न स्तरों पर लागू किए जाने वाले ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है। प्रधान पीठ ने यह गौर किया कि कई आदेश इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी के जरिये दिए जा चुके हैं लेकिन जरूरत प्रभावी निगरानी तंत्र और आदेशों को लागू किए जाने की है।
जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने सीपीसीबी को आदेश दिया है कि वह रोजाना वायु गुणवत्ता की न सिर्फ निगरानी करे बल्कि प्रत्येक महीने वायु गुणवत्ता नमूनों का विश्लेषण कर कार्रवाई करे। पीठ ने कहा कि ग्रैप अधिसूचित किया गया था, जिसे बाद में ट्रिब्यूनल ने संशोधित भी किया था। उसे ध्यान में रखते हुए वायु प्रदूषण के विभिन्न चरणों पर लागू किया जाना चाहिए। सीपीसीबी इस संबंध में उचित कदम उठाए। एनजीटी ने इस ग्रैप कार्ययोजना को चार वर्गों में बांटा था। पहला वर्ग औसत, दूसरा गंभीर और तीसरा अति गंभीर और चौथा पर्यावरणीय आपातकाल। इन चार वर्गों की कार्ययोजना को अलग-अलग वायु गुणवत्ता वाली स्थिति के दौरान लागू करने के लिए कहा था। एनजीटी ने कहा है कि सीपीसीबी इन कार्ययोजनाओं को अलग-अलग स्तर और स्थितियों पर लागू करे। इस आदेश के साथ एनजीटी ने वर्धमान कौशिक मामले से जुड़ी सभी याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।