आरोप पत्र दाखिल नही होने पर भड़के बवाना अग्निकांड के पीड़ित
- रोहिणी कोर्ट गेट पर किया प्रदर्शन
- आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली के बवाना इलाके में हुई अग्निकांड के पीड़ित परिवारों ने मंगलवार को रोहिणी कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट के बाहर प्रदर्शन किया। पीड़ित परिवारों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर घटना के आरोपियों को फांसी देने की मांग की।
रोहिणी कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विनोद कुमार के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। इस बीच पीड़ित पक्ष के वकील ऋषिपाल ने दलील दी कि पुलिस ने घटना के छह माह बाद भी आरोपी रिंकू जैन उर्फ आशीष के खिलाफ आरोपपत्र दायर नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पुलिस से इस बारे में सवाल किया। इस बाबत मामले में दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को आश्वासन दिया कि जल्द आरोपपत्र दायर कर देगी। मामले में अगली सुनवाई 27 अगस्त को होगी। उधर, कोर्ट में सुनवाई के बाद अग्निकांड के मृतकों के परिजनों राहिणी कोर्ट के बाहर पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया। पीड़ितों का आरोप था कि पुलिस मामले में लापरवाही बरत रही है। इस पीड़ित परिवारों ने मामले की जांच फास्ट ट्रैक कोर्ट में करवाई जाने की भी मांग की। इसके साथ ही पीड़ितों ने इस घटना के आरोपियों मनोज जैन, ललित गोयल और रिंकू जैन को फांसी की सजा देनी की मांग की।
गौरतलब है कि जनवरी में बवाना स्थित पटाखा फैक्टकरी में 20 जनवरी 2018 को आग लग गई थी। इस अग्निकांड के दौरान फैक्टरी का दरवाजा बाहर से लॉक था, जिस कारण फैक्टरी में जलकर 17 लोगों की मौत हुई थी। मनोज जैन, ललित गोयल और रिंकू जैन इन फैक्टरियों के मालिक हैं और इनपर इस मामले में मुकदमा चल रहा है।