देश में पहली बार आयुर्वेद प्रोटोकॉल हुआ लॉन्च, आयुष मंत्रालय ने बताई उपलब्धि
- जीवा आयुर्वेद ने 10 लाख मरीजों पर विश्लेषण के बाद बनाया प्रोटोकॉल
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आयुर्वेद को दुनिया भर में नया मुकाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार के आयुष मंत्रालय के सहयोग से जीवा आयुर्वेद ने पहली बार आयुर्वेद प्रोटोकॉल लॉन्च किया। सोमवार को लोधी रोड स्थित इंडियन इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में प्रोटोकॉल को लॉन्च करने पर आयुष मंत्रालय ने इसे बड़ी उपलब्धि बताया।
मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि भारत के लिए आयुर्वेद प्रोटोकॉल अनोखी उपलब्धि है। अभी तक दुनिया भर में आयुर्वेद को लेकर कोई ठोस नीति लागू नहीं थी, लेकिन अब इस प्रोटोकॉल के जरिए अमेरिका और यूके जैसे देश भी आयुर्वेद को अपने यहां बराबर का दर्जा दे सकते हैं। कार्यक्रम में बताया गया कि पिछले छह वर्ष के भीतर देश के 10 लाख मरीजों पर विश्लेषण करने के बाद आयुर्वेद का प्रोटोकॉल तैयार किया गया। इसका फायदा यह होगा कि डॉक्टरों को रोगी के लिए सटीक निदान व गुणवत्तापूर्ण सेवा करने में सहायता मिलेगी। इसके अलावा अभी तक देश में आयुर्वेद और इसके उपचार को लेकर कागजों पर सटीक जानकारी उपलब्ध नहीं है। मरीज और दवाओं के बारे में भी आंकड़े नहीं हैं। प्रोटोकॉल के चलते एक आईटी सिस्टम विकसित होने के बाद सरकार की यह परेशानी भी दूर हो सकेगी।
निदेशक डॉ प्रताप चैहान ने बताया कि प्रोटोकॉल आयुर्वेद प्रेक्टिस के लिए एक ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह है जिसमें आयुर्वेदिक सिद्धान्त और डाटा रिकॉर्ड का सार सम्मिलित किया है। उन्होंने बताया कि दुनियाभर में आयुर्वेद चिकित्सकों को हैल्थ व वैलनेस कोच के रूप में जाना जाता है क्योंकि आयुर्वेद को एक चिकित्सा विज्ञान के रूप में नहीं जानते, लेकिन इस प्रोटोकॉल की मदद से बदलाव आने की पूरी उम्मीद है। उन्होंने यह भी बताया कि ये प्रोटोकॉल 25 हजार मरीजों पर अजमाया जा चुका है। इसका परिणाम अभी तक संतोषजनक रहा है।