अमर उजाला ने आयोजित की पुलिस की पाठशाला
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फेसबुक, व्हाट्सएप समेत सभी तरह की सोशल साइट्स या एप्स का उपयोग करते समय युवाओं को विशेष ध्यान रखना चाहिए। कोई भी सुविधा मुफ्त में नहीं मिलती। अक्सर हमें पता नहीं होता और अपने बारे में कई जानकारियां हम इंटरनेट पर शेयर कर देते हैं। जो आगे चलकर घातक भी साबित हो सकती हैं।
शुक्रवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बीटा-1 स्थित विश्वभारती स्कूल के छात्र-छात्राओं से मुखातिब पुलिस अधीक्षक ग्रामीण आशीष श्रीवास्तव ने यह बात कही। इस मौके पर प्रधानाचार्या डॉ. भावना कुलश्रेष्ठ ने भी बच्चों को उनसे बेझिझक बात करने की अपील की।
एसपी ग्रामीण ने बच्चों से कहा कि आगे चलकर आपमें से बहुत से बच्चे पुलिस अधिकारी या कर्मी बन सकते हैं। पुलिस का रवैया आम जनता के साथ दोस्तानापूर्ण हो, लगातार इस पर कार्य किया जा रहा है। इसमें सफलता भी मिल रही है। यदि किसी को कोई परेशानी या शिकायत हो तो वह आसानी से पुलिस से शिकायत कर सकता है। सबसे पहले पुलिस चौकी से लेकर थाना प्रभारी और वहां भी समाधान न मिले तो क्षेत्राधिकारी और एसपी के बाद एसएसपी तक जिले में हैं जिन्हें अपनी शिकायत से अवगत कराया जा सकता है।
चार तरीकों से दर्ज करा सकते हैं शिकायत
आशीष श्रीवास्तव ने शिकायत करने के चार माध्यम भी बताए। इसमें पहला तो स्वयं थाना जाकर शिकायत करना, दूसरा 100 नंबर या 1090 पर कॉल कर शिकायत करना। तीसरा ई-एफआईआर और चौथा पुलिस के ट्विटर अकाउंट में शिकायत की जा सकती है।
गलत हाथों में न चला जाए डाटा
पुलिस अधीक्षक ग्रामीण ने बताया कि अक्सर हम लोग अपने मोबाइल या लैपटॉप में निजी और महत्वपूर्ण डाटा सेव कर लेते हैं। यदि इलेक्ट्रानिक गैजेट चोरी हो जाते हैं या किसी के हाथ लग जाते हैं तो कई बार इनका गलत उपयोग हो जाता है। ऐसे में विद्यार्थियों को इसका ध्यान रखना चाहिए।