जेएनयू में अब विद्यार्थियों के साथ
अध्यापक की हाजिरी भी अनिवार्य
- एकेडमिक काउंसिल की मीटिंग में शिक्षा सुधार को लेकर हुए बड़े फैसले
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में अब विद्यार्थियों की हाजिरी की अनिवार्यता के साथ अध्यापक की हाजिरी की अनिवार्यता भी लागू हो गई है। यूनिवर्सिटी में एकेडमिक और रिसर्च एक्टिविटीज में सुधार लाने के लिए जटिल मुद्दों पर एकेडमिक मीटिंग में बड़े फैसले लिए गए।
जेएनयू में शुक्रवार को 146वीं एकेडमिक मीटिंग आयोजित हुई। मीटिंग में एकेडमिक और रिसर्च एक्टिविटीज से जुड़े जटिल मुद्दों पर सिलसिलेवार कई महत्वपूर्ण और बड़े फैसले लिए गए। मीटिंग में लिए गए फैसलों के तहत विद्यार्थी, अध्यापक और स्टाफ पर लागू होने वाले नियमों से बड़े बदलाव आएंगे।
जेएनयू में विद्यार्थियों की हाजिरी की अनिवार्यता पहले से ही तय हो चुकी है, लेकिन एकेडमिक काउंसिल की इस मीटिंग में लिए फैसलों के तहत अब अध्यापक को भी हाजिरी लगानी होगी। इस बारे में लिए गए फैसले के तहत टीचर्स फैकल्टी को अब दिन में कम से कम एक एक बार अपनी हाजिरी दर्ज करानी होगी।
वहीं, अब सेमेस्टर की शुरूआत में रजिस्ट्रेशन प्रोसेस के दौरान नए और मौजूदा स्टूडेंट्स को हाजिरी की अनिवार्यता के नियमों को सशर्त मानने के संबंध में शपथपत्र देना होगा। दूसरे फैसले में जेएनयू एंट्रेस एग्जाम को पूरी तरह कंप्यूटराइज्ड ऑनलाइन बनाने के संबंध में भी निर्णय लिया गया। ताकि जेएनयू में दाखिला प्रक्रिया और भी स्पष्ट, कुशल, सुरक्षित और निष्पक्ष हो सके।
तीसरे बड़े फैसले में काउंसिल ने यूनिवर्सिटी के फिजिकल साइंस स्कूल में मैथमेटिक्स में दो साल के एमएससी डिग्री प्रोग्राम को मंजूरी दी है।
इस मीटिंग में चौथा बड़ा फैसला यूनिवर्सिटी के टाइम टेबल के संबंध में लिया गया। इसके तहत विद्यार्थी को यूनिवर्सिटी के विभिन्न स्कूल में कोर्सेस का चयन करने लिए विकल्प मिलेगा। इससे विद्यार्थी के टाइम मैनेजमेंट व क्लास रूम की बेहतर उपयोगिता उपलब्ध होगी।