फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के जनरल सेक्रेटरी डॉ. मनीष निगम का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक रेजिडेंट डॉक्टर्स को हफ्ते में 48 घंटे काम करना होगा, लेकिन रेजिडेंट की भारी कमी के चलते वर्तमान में उन्हें 60 से 70 घंटे तक काम करना पड़ रहा है।
ओपीडी के लिए नया समय लागू होता है तो इससे डॉक्टरों पर बोझ बढ़ जाएगा। मंत्रालय ने यह आदेश सिर्फ डॉक्टरों के लिए निकाला है, जबकि अन्य स्टाफ पुराने समय पर ही आएगा और पुराने समय पर ही चला जाएगा।
डॉक्टर एकजुट, आदेश लागू हुआ तो प्रदर्शन
सरकार के इस फैसले के खिलाफ दिल्ली के सभी सरकारी अस्पतालों में तैनात रेजीडेंट डॉक्टर एकजुट हो गए हैं। इनका कहना है कि सरकार ने इस आदेश को लागू किया तो दिल्ली के सभी अस्पतालों के डॉक्टर एकजुट होकर विरोध करेंगे। अभी सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक ओपीडी रहती है। इस दौरान हजारों मरीज आते हैं। अब डॉक्टरों का समय बढ़ाने से कठिनाई भी होगी।
जल्दबाजी न करें डॉक्टर : मंत्रालय
मंत्रालय के एक वष्ठि अधिकारी का कहना है कि फिलहाल डॉक्टर जल्दबाजी न करें। खामियां जानने के लिए ही पायलट प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। खामियों को दूर करने के बाद ही इसे अस्पतालों में लागू किया जाएगा और मरीजों को 12 घंटे की ओपीडी सेवा मिलेगी।