पेयजल समस्या के मसले
पर दिल्ली सरकार को घेरा
- दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में भाजपा पार्षदों ने हंगामा करने के बाद बहिष्कार किया
- दिल्ली सचिवालय के अंदर और बाहर धरना भी दिया
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी की पेयजल समस्या के मामले में दिल्ली सरकार को घेरने के लिए दिल्ली प्रदेश भाजपा अपने हाथ से कोई भी अवसर नहीं छोड़ रही। इसी कड़ी में दिल्ली जल बोर्ड में सदस्य भाजपा के चार पार्षदों ने सोमवार को दिल्ली सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला। उन्होंने दिल्ली जल बोर्ड की बैठक में हंगामा किया और उसके बाद बैठक का बहिष्कार किया। इतना ही नहीं, उन्होंने दिल्ली सचिवालय के अंदर और बाहर धरना दिया।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में दिल्ली जल बोर्ड की बैठक आरंभ होते ही तीनों नगर निगम एवं दिल्ली छावनी बोर्ड से सदस्य जयप्रकाश, सत्यपाल मलिक, राजीव और जगत लोहिया ने पेयजल से जुड़ी समस्याएं उठाई, लेकिन मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को कोई तवज्जो नहीं दी। इसके चलते भाजपा के चारों पार्षदों ने मुख्यमंत्री पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।
इस बीच भाजपा के चारों पार्षद बैठक का बहिष्कार करके बैठक से बाहर आ गए और दिल्ली सचिवालय के अंदर धरने पर बैठ गए। मगर कुछ देर बाद वे वहां से उठकर सचिवालय के बाहर आ गए और उन्होंने धरना आरंभ कर दिया। इस दौरान उन्होंने दिल्ली सरकार पर जनता की अनदेखी करने का आरोप लगाया। इसके अलावा उन्होंने कहा कि दिल्ली जल बोर्ड की बैठक का मुख्यमंत्री अपने एजेंडे के लिए उपयोग करते हैं। वह न तो स्वयं जल बोर्ड से संबंधित मसले उठाते हैं और न ही सदस्यों को समस्या उठाने की इजाजत देते हैं। भाजपा पार्षदों ने कहा कि बैठक में अवैध तरीके से टेंडर पास किए गए हैं।