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पुर्न:मूल्यांकन रिजल्ट में अंक बढ़ने से भी नहीं मिल पा रहा दाखिला

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पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट में अंक बढ़े
अंक भी नहीं दिला पा रहे दाखिला
- 12वीं में पुनर्मूल्यांकन के बाद छात्रों के 10-15 नंबर तक बढ़ गए
- कॉलेज सीटें भरने के कारण दाखिला देने मेें असमर्थ
- छात्रों को पांचवीं कट ऑफ में दाखिला लेने की दी जा रही सलाह
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के 12वीं के पुनर्मूल्यांकन रिजल्ट में अंक बढ़ने पर भी छात्रों को दिल्ली विश्वविद्यालय में दाखिला नहीं मिल पा रहा है। नतीजों का पुनर्मूल्यांकन कराने के बाद कुछ विषयों में छात्रों के 10 से 15 अंक तक बढ़े हैं। बीते सप्ताह ही बोर्ड की ओर से पुनर्मूल्यांकन का रिजल्ट जारी हुआ है। लेकिन अब कॉलेज सीटें भरने के कारण दाखिला देने में असमर्थ हैं। ऐसे छात्रों को पांचवीं कट ऑफ में किसी भी कॉलेज में दाखिला लेने की सलाह दी जा रही है। ताकि उन्हें दाखिला मिल जाए और साल खराब ना हो।
डीन स्टूडेंट वेलफेयर में ऐसे छात्र पहुंच रहे हैं, जिनके 12वीं में किसी एक विषय में कम अंक थे, लेकिन जब उन्होंने उस विषय का पुनर्मूल्यांकन कराया तो उनके अंक बढ़ गए हैं। कई छात्र ऐसे हैं जिनके 10-15 अंक तक बढ़ गए हैं। अब यह छात्र डीन स्टूडेंट वेलफेयर के चक्कर लगा रहे हैं क्योंकि कॉलेज उन्हें दाखिला नहीं दे रहे। कुछ छात्र ऐसे हैं जिनके पहले अंक 92-94 फीसदी थे। अब उनके अंक 94 या 97 फीसदी तक हो गए हैं। लिहाजा उन्हें अब लेडी श्रीराम, श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स जैसे कॉलेजों में दाखिला चाहिए। छात्र दाखिले के लिए अपने अंकों का हवाला देते हैं लेकिन नामी कॉलेजों में पॉपुलर कोर्सेज में दाखिले दूसरी कट ऑफ में ही बंद हो गए हैं।
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डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय में अपनी शिकायतें लेकर पहुंच रहे छात्रों को अधिकारी कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं। छात्रों को सलाह दी जा रही है कि अब पांचवीं कट ऑफ में वह किसी तरह दाखिला लें जिससे कि उनका साल खराब होने से बच जाए।
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