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किसानों व विपक्ष को रास नहीं आया मोदी सरकार का आखिरी बजट

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किसानों और विपक्ष को रास नहीं आया बजट
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- कर्ज माफी, फसल के दामों में भारी इजाफे के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की थी उम्मीद
अमर उजाला ब्यूरो
नूंह। मोदी सरकार के कार्यकाल के आखिरी बजट से कर्ज माफी, फसल के दामों में भारी इजाफे के अलावा स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू करने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों को उस समय झटका लगा जब उन्होंने बजट सुना। हालांकि बजट में पांच एकड़ तक की जमीन वाले के किसानों के खाते में साल में छह हजार रुपये डालने का एलान किया है, लेकिन किसान इसे छलावा बताते हुए अपने साथ हुआ मजाक बता रहे हैं। वहीं भाजपा की विपक्षी पार्टियां भी बजट पर सवाल उठा रही हैं तो भाजपाई इसे अब तक का सबसे बेहतर बजट करार दे रहे हैं।
किसानों की प्रतिक्रिया
भाजपा सरकार किसान विरोधी सरकार है, इसने हमेशा पूंजीपतियों को बढ़ावा दिया है। छह हजार रुपये साल में किसानों को मदद के तौर पर देना वो भी किस्तों में यह सरकार का हमारे साथ भद्दा मजाक है। - जगदेव इंडरी।
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महंगाई के कारण आज किसान कर्ज में डूबा हुआ है, सरकार को किसानों के कर्ज माफ करने चाहिए थे। किसानों की आय बढ़ाने के लिए फसलों के दामों में इजाफे की बड़ी घोषणा करनी चाहिए थी। - देशराज पंवार।

किसानों के लिए यह बजट पूरी तरह निराशाजनक है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू होती, कर्ज माफ होने चाहिए थे। - अख्तर हुसैन चंदेनी।
विपक्ष ने साधा निशाना
बजट हर वर्ग के लिए निराशाजनक है। बजट में युवा, आम आदमी, किसान, महिलाओं के लिए कोई खास नहीं है। यह केवल आंकड़ेबाजी की गई है। नूंह देश का सबसे पिछड़ा हुआ जिला है, इसकी बेहतरी के लिए सरकार को विशेष पैकेज केंद्र सरकार की तरफ से देना चाहिए था। बजट में किसी वर्ग के लिए कुछ नहीं है। - सनाउल्ला खान, प्रदेश उपाध्यक्ष यूथ कांग्रेस

इस बजट से लग रहा था कि चुनावी बजट होगा। हो सकता है किसान, जवान, युवा और महिलाओं को कुछ दिया जाए। लेकिन बजट में किसानों के लिए कुछ नहीं किया गया। किसान को कर्ज माफ होने की उम्मीद थी, युवाओं को रोजगार के अवसर मिलने की तो महिलाओं को सुरक्षा व आत्मनिर्भर बनने की आशा थी, लेकिन बजट में किसी के लिए कुछ नहीं हुआ। - फकरुद्दीन एडवोकेट, वरिष्ठ कांग्रेसी

भाजपा ने हमेशा पूंजीपतियों का ध्यान रखा है। इस बजट से कोई वर्ग खुश नहीं है। किसानों के साथ जो छह हजार रुपये का मजाक किया गया है, यह निंदनीय है। देश में किसान कर्ज से मर रहा है, किसानों का कर्ज माफ होना चाहिए था और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश लागू होनी चाहिए थी। युवा के लिए भी कुछ नहीं है। - तैयब हुसैन घासेडिया, किसान नेता
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बजट में हर वर्ग का ख्याल रखा गया है, अब तक का सबसे बड़ा बजट है। किसानों को छह हजार रुपये की राहत दी है। महिलाओं को मुद्रित लोन की व्यवस्था की गई है। सेना के बजट में काफी बढ़ोतरी हुई है। यह अब तक का सबसे बेहतर बजट है। - जाहिद हुसैन, भाजपा नेता।

फोटो- जगदेव, देशराज पंवार, अख्तर हुसैन, सनाउल्ला खान, फकरुद्दीन एडवोकेट, तैयब हुसैन, जाहिद हुसैन।
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