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अधिकारियों-कर्मचारियों पर किराये के 5 करोड़ बकाया

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नोएडा प्राधिकरण
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नोएडा के सरकारी आवास में आने के बाद अधिकारी-कर्मचारी किराया देना भूल गए। जबकि उनको वेतन में ही लाइसेंस फीस और एचआरए मिलता है, लेकिन उसे देना ठीक नहीं समझा।
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आलम यह है कि यहां से तबादले के बाद भी कई आवास खाली नहीं हुए, न ही किराया दिया गया। अब नोएडा प्राधिकरण की ओर से बकाया किराया वसूलने के लिए नोटिस दिया जा रहा है।

दरअसल, पूरा मामला नोएडा प्राधिकरण के सेक्टर-27, 34, 54 और 82 के सरकारी आवास का है। यह आवास यहां आने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को मिलता है। इसके लिए वेतन में बाकायदा लाइसेंस फीस और एचआरए भी मिलता है। जब तक यह अधिकारी-कर्मचारी यहां रहते हैं तब तक तो किराया देते रहते हैं, लेकिन यहां से तबादले के बाद न तो घर खाली करते हैं और न ही किराया देते हैं। इस वजह से प्राधिकरण पर भारी बोझ बढ़ गया है।
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ओएसडी राजेश सिंह ने बताया कि इस समय करीब 5 करोड़ रुपये ऐसे अधिकारियों व कर्मचारियों पर बकाया हैं। इसकी वसूली के लिए नोटिस भेजे जा रहे हैं। नोटिस में किराया न चुकाने पर आरसी जारी करने की बात भी कही गई है।

दरअसल, सेक्टर-27, 34, 54 और 82 में प्राधिकरण के करीब 600 आवास हैं। इनमें अभी भी 100 मकानों में अनधिकृत तौर पर अधिकारी-कर्मचारी रह रहे हैं, जिन पर प्राधिकरण का किराया बाकी है। इन सभी का यहां से तबादला हो चुका है, लेकिन मकान खाली नहीं किया गया। वहीं करीब 50-60 अधिकारी कर्मचारी 1997 से ही यहां रह रहे हैं। इनका भी किराया बकाया है।

यह है नियम
नियम के मुताबिक टाइप-1 से 4 तक के मकान हैं, जिनके लिए अधिकारी या कर्मचारी को रॉयल्टी और एचआरए प्रतिमाह मिलते हैं। यह प्राधिकरण को प्रति माह देना होता है। अगर अधिकारी या कर्मचारी का तबादला हो जाता है तो दो माह तक समान दर पर वह वहां रह सकते हैं। अगर इसके बाद भी वह वहां रहते हैं तो लाइसेंस फीस दोगुनी हो जाती है। यही नहीं अगर इसके बाद भी अधिकारी या कर्मचारी वहां रहता है तो उसे 100 रुपये प्रति वर्गमीटर पर किराया चुकाना होता है।
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