नोएडा। सेक्टर-30 स्थित जिला अस्पताल में डॉक्टर समेत तीन कर्मचारियों पर मोतियाबिंद रोगी से ऑपरेशन के लिए रिश्वत मांगने का आरोप लगा है। आरोप है कि महिला मरीज का मोतियाबिंद ऑपरेशन करने के नाम पर 15 हजार रुपये मांगे गए। मामला सामने आने के बाद सीएमएस ने डॉक्टर समेत तीन कर्मियों से जवाब तलब कर लिया है। मामले की जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। पीड़ित पक्ष के अनुसार नेत्र रोग चिकित्सक ने एक संविदाकर्मी के माध्यम से मरीज से रुपये मांगे थे। रुपये नहीं दे पाने पर आपरेशन से इनकार कर दिया गया था।
छपरौली गांव निवासी सुरेश चौहान के अनुसार बुधवार को उनका बेेटा परिवार की एक महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचा था। महिला को मोतियाबिंद शिकायत थी। सभी जरूरी जांचे पूरी होने के बाद एक संविदाकर्मी ने आंखों में लगने वाले लेंस सहित ऑपरेशन के खर्च के नाम पर 15 हजार रुपये देने को कहा। उन्होंने पैसे देने से इनकार कर दिया। संविदाकर्मी ने पैसे नहीं देने की सूरत में आपरेशन नहीं हो पाने की बात कही। आरोप है कि जब मामला नेत्र रोग ओपीडी में मौजूद चिकित्सक के पास पहुंचा तो उन्होंने भी इलाज के नाम पर टाल-मटोल शुरू कर दिया।
पीड़ित ने चिकित्सकों से उनकी जांच समेत अन्य दस्तावेज मांगे तो चिकित्सकों ने उन्हें कागज देने से इनकार कर दिया। बृहस्पतिवार सुबह सुरेश चौहान ने इस मामले की शिकायत सीएमएस डॉ. रेनू अग्रवाल से की। जिस पर सीएमएस ने तीन लोगों के खिलाफ जांच के आदेश जारी कर दिए। सीएमएस ने पूरे प्रकरण की जांच के लिए एक कमेटी बनाई है। इस मामले में चिकित्सकों एवं संविदा कर्मी से जवाब तलब किया गया है। सीएमएस डॉ रेनू अग्रवाल के अनुसार डॉ. टीके सक्सेना सहित दो डॉक्टरों की टीम मामले की जांच करेगी। जांच में रिश्वत का आरोप साबित होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।