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स्वास्थ्य मंत्री ने किया वैक्सीन के स्टॉक का दावा, मायूस लौट रहे लोग

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ग्रेटर नोएडा। प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परिवार कल्याण व शिशु कल्याण विभाग मंत्री जय प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में टीकाकरण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में पौधरोपण कर स्वास्थ्यकर्मियों और टीका लगवाने वाले लोगों से बातचीत की। टीके की कमी को नकारते हुए उन्होंने जिले में पर्याप्त टीके का स्टॉक होने का दावा किया।
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उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त टीका मौजूद हैं, जिसके स्टॉक का उन्होंने निरीक्षण भी किया है। हालांकि उनके दावे हालात के विपरीत नजर आए। बृहस्पतिवार को टीकाकरण शुरू होने के कुछ देर बाद ही किल्लत होने लगी। कई लोगों को बिना टीका लगाए ही केंद्र से लौटा दिया गया। टीकाकरण प्रक्रिया को लेकर बार-बार सुविधाओं में हो रहे बदलाव के कारण भी लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बीते सप्ताह तक मौके पर पंजीकरण कर लोगों को टीका लगवाने की सुविधा थी, लेकिन सिर्फ स्लॉट बुक कराने वाले लोगों को ही टीका लगाया गया। इससे बिना स्लॉट बुक कराए टीका लगवाने पहुंचे लोगों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
0-12 साल के बच्चों के लिए किट वितरण शुरू
स्वास्थ्य मंत्री ने बिसरख केंद्र में 0-12 साल तक के बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए दवा किट वितरण योजना का शुभारंभ किया। आशा के सहयोग से किट को घर-घर वितरित कराया जाएगा, ताकि तीसरी लहर के दौरान बच्चों को संक्रमण से बचने में मदद मिले। वहीं, केंद्र में मौजूद डॉक्टर व अन्य स्टाफ को संचारी रोग से बचाव के लिए 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों को शपथ भी दिलाई।
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खटाना धीरखेड़ा में गोशाला का लोकार्पण
स्वास्थ्य मंत्री ने बृहस्पतिवार को जनपद भ्रमण कार्यक्रम के तहत जारचा के खटाना धीरखेड़ा में 2 करोड़ 68 लाख 98 हजार रुपये की लागत से निर्मित गोशाला व विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश सरकार की योजना विश्वकर्मा श्रम कल्याण योजना, एक जनपद एक उत्पाद के तहत टूलकिट योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, वेजिटेबल सीड्स किचन गार्डन सेट योजना, कौशल विकास योजना आदि योजनाओं का लाभ पात्रों को दिया और उन्हें प्रमाण पत्रों का भी वितरण किया गया। इस मौके पर दादरी विधायक तेजपाल नागर, सीडीओ अनिल कुमार, एमएलसी विधायक श्रीचंद्र शर्मा, जिलाध्यक्ष विजय भाटी, एसडीएम दादरी आलोक कुमार गुप्ता, सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी, उपायुक्त उद्योग अनिल कुमार सिंह, जिला विकास अधिकारी अनवर शेख, पंचायत राज अधिकारी कुंवर सिंह यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी शैलेंद्र बहादुर सिंह आदि मौजूद रहे।
सरकारी अस्पतालों में स्लॉट बुकिंग पर ही लगेगा टीका
नोएडा। जिले में टीकाकरण महाअभियान चलाने के दावे फेल साबित हो रहे हैं। बृहस्पतिवार को जिले के सरकारी अस्पतालों में मात्र 6789 लोगों को ही कोरोना का टीका लगा। जबकि पिछले सप्ताह तक 10 हजार से अधिक रोज टीके लग रहे थे। आलम यह है कि टीकाकरण केंद्रों की संख्या घटकर 37 रह गई है। वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अगले निर्देश तक सरकारी अस्पतालों में लोग बिना स्लॉट टीका लगवाने नहीं जा सकेंगे। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि शुक्रवार को सिर्फ उन्हीं लोगों को टीका लगेगा, जिनका पोर्टल पर स्लॉट बुक है। आने वाले कुछ दिनों तक यही व्यवस्था रहेगी। बृहस्पतिवार को 18 से अधिक आयु वर्ग के 5332 को पहली व 1457 को दूसरी डोज दी गई।
बुजुर्गों व कम पढ़े लिखे लोगों की संख्या अधिक
जिले में बड़ी संख्या में ऐसे लोग रहते हैं जो ऑनलाइन माध्यमों का खास इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं। खासकर सरकारी अस्पतालों में अब तक ऑनस्पाट टीकाकरण के लिए लोग अधिक आ रहे थे। इनमें बुजुर्ग व कम पढ़े लिखे या अनपढ़ लोगों की संख्या अधिक रही है। ऐसे लोगों के लिए बदला नियम मुसीबत बन सकता है।
6 हजार नई डोज मिलीं
जिले में शुक्रवार को भी टीकाकरण लक्ष्य से कम रह सकता है। सिर्फ 38 सरकारी केंद्रों पर टीकाकरण होगा। शासन से स्वास्थ्य विभाग को शाम को 6 हजार डोज मिली हैं। बुधवार तक स्वास्थ्य विभाग के पास 10050 डोज थीं जिनमें से 6789 इस्तेमाल हो गईं। अब विभाग के पास 10 हजार से कम डोज हैं। ऐसे में टीकाकरण प्रक्रिया के रफ्तार पकड़ने की संभावनाएं बेहद कम हैं।
इस साल पहली बार 30 से कम कोरोना के सक्रिय मरीज
नोएडा। इस साल पहली बार जिले में 30 से कम सक्रिय केस रह गए हैं। संख्या मात्र 28 रह गई है। जबकि बृहस्पतिवार को सिर्फ एक मरीज में संक्रमण की पुष्टि हुई और 33 लोग ठीक हो गए। लंबे समय से जिले में कोविड से मौत का भी कोई मामला सामने नहीं आया है। अब तक 466 मौतें हो चुकी हैं।
प्रदेश में सक्रिय केसों के आधार पर जिले का 30वां स्थान है। 62561 लोग ठीक हुए हैं। ठीक होने वालों व कोरोना से जान गंवाने वालों दोनों ही मामलों में जिला प्रदेश में छठे नंबर पर है। जिले में कोविड का पहला मामला 8 मार्च 2020 को आया था। इस साल सबसे न्यूनतम सक्रिय केस फरवरी में आए थे। 8 फरवरी को जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 41 रह गई थी जो सक्रिय मरीजों का सबसे कम आंकड़ा था। धीरे-धीरे यह संख्या बढ़ती गई और दूसरी लहर में जिले ने नए रिकॉर्ड बनाए। कोरोना के 63055 मामले सामने आ चुके हैं। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि जिले में सक्रिय मरीजों की संख्या घटना राहत की बात है, लेकिन लोगों को अभी भी सावधान रहना चाहिए। कोरोना बेहद तेजी से फैलने वाली महामारी है, सामाजिक दूरी व मास्क के नियम का पालन करते रहें।
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