जिले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से चल रहे विद्युतीकरण के कार्य में तेजी आ गई है। लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से संचालित रिवैंप योजना के तहत जिले की सभी तहसीलों और ब्लॉकों में पुराने तारों और जर्जर खंभों को बदला जा रहा है। इसके साथ ही नई विद्युत लाइनों का विस्तार कर गांव-गांव तक निर्बाध बिजली पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
अब तक कुल 19,536 के लक्ष्य के सापेक्ष 16,375 नए खंभे लगाए जा चुके हैं, जबकि 1,780 किमी के लक्ष्य के सापेक्ष 1,511 किमी नई लाइन बनाने का कार्य कराया जा चुका है। इस प्रकार जिले में लक्ष्य के मुकाबले करीब 90 फीसदी कार्य पूरा होने का दावा किया जा रहा है।
वर्तमान में जिले के 24 प्रमुख फीडरों पर शेष कार्य तेजी से किया जा रहा है। जिन क्षेत्रों में वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी, वहां नई लाइनों और मजबूत खंभों के लगने से आपूर्ति में स्थायित्व आने की उम्मीद है। इसके अलावा नई व्यवस्था में ट्रांसफाॅर्मर और जॉइंट बॉक्स की भी संख्या बढ़ाई जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल की जा सके।
अधीक्षण अभियंता विश्वेंद्र चौहान का कहना है कि लगभग सभी काम पूरा कर लिया गया है। बाकी कार्याें को भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इस परियोजना से न केवल बिजली वितरण तंत्र को मजबूती मिल रही है, बल्कि लाइन लॉस और बार-बार होने वाले फाॅल्ट की समस्या में भी बड़ी कमी आई है।