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भाजपा के दो दिग्गज नेता बसपा से टिकट मांगने पहुंचे

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BJP - फोटो : BJP
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गौतमबुद्धनगर के सांसद केंद्रीय मंत्री डॉ महेश शर्मा के कट्टर विरोधी भाजपा के दो पूर्व मंत्री रहे नेता शुक्रवार देर रात दिल्ली में बसपा के एक शीर्ष नेता से मिले। उनसे कहा कि गौतमबुद्धनगर से यदि टिकट दें तो वह भाजपा छोड़ने को तैयार हैं। काफी देर तक बातचीत के बाद बसपा के शीर्ष नेता ने कहा कि 11 दिसंबर को राजस्थान, एमपी समेत अन्य राज्यों के चुनाव परिणाम आ जाएंगे। इसके बाद आइए तो विचार किया जाएगा।

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दरअसल, बसपा ने गौतमबुद्धनगर से करीब एक साल पहले विरेंद्र डाढ़ा को प्रत्याशी घोषित किया था, पिछले माह उनका टिकट काट दिया गया। इसकेबाद यहां से टिकट पाने वालों की लाइन लगी हुई है। उसी कड़ी में भाजपा के दो दिग्गज नेताओं ने (पूर्व मंत्री भी रहे) दिल्ली जाकर बसपा के एक बड़े नेता से मुलाकात की। बताते हैं कि उन्होंने पूरा गणित समझाया कि अगर बसपा उन्हें यहां से टिकट दे देती है तो वह जीत जाएंगे।

बड़ा फैसला 11 के बाद
पार्टी के सूत्र बताते हैं कि 11 दिसंबर को राज्यों में हुए चुनाव के नतीजे आ जाएंगे। यदि भाजपा को नुकसान हुआ तो कांग्रेस, बसपा व सपा के हौसले बढ़ जाएंगे। 15 दिसंबर के बाद तीनों पार्टियों के बीच लोकसभा चुनाव के लिए गठबंधन होगा या नहीं, फैसला होने की संभावना है। भाजपा को छोड़कर अन्य पार्टी के नेता मान रहे हैं कि अगर गौतमबुद्धनगर से गठबंधन में बसपा से टिकट मिल जाए तो जीत पक्की है।
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डॉ महेश के खिलाफ लॉबी कर रही काम
राजनीतिक जानकार मानते हैं कि गौतमबुद्धनगर लोकसभा क्षेत्र में मौजूदा समय में भाजपा काफी मजबूत है। क्योंकि नोएडा, दादरी, जेवर, खुर्जा व सिकंदराबाद से पांचों विधायक भाजपा के हैं। इसलिए डॉ महेश शर्मा के खिलाफ उन्हीं पार्टी के कुछ रूठे हुए नेता चाहते हैं कि किसी तरह से डॉ महेश का ही टिकट कट जाए तो बात आसान हो जाएगी। अगर ऐसा नहीं होता तो गठबंधन से टिकट मिल जाए। चूंकि गठबंधन में बसपा सुप्रीमो पहले ही कह चुकी हैं कि उनके गृह जनपद में उनकी ही पार्टी का प्रत्याशी होगा, यह बात दूसरे दल के नेता मान भी चुके हैं। इस बार लोक सभा का टिकट पाने के लिए विभिन्न पार्टियों के दिग्गज नेता लाइन में लगे हैं।

2019 का चुनाव काफी दिलचस्प होगा। मोदी को हराने के लिए अन्य दल एकजुट हो रहे हैं। रही बात गौतमबुद्धनगर सीट की, तो यह देश की राजधानी के काफी नजदीक है, औद्योगिक क्षेत्र होने के नाते इसका और महत्व बढ़ जाता है। पीएम व सीएम से लेकर अन्य नेताओं की नजर है। राजनीति में टिकट पाने से लिए नेता सारे जतन करते हैं। क्षेत्र बसपा का गढ़ रहा है। हर कोई नेता चाहेगा कि टिकट उन्हें ही मिले।
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-प्रोफेसर, योगेंद्र सिंह, राजनीति के जानकार

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