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संवाद: मॉल्स आबाद करने के लिए बाजार कर दिया बर्बाद

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संवाद

मॉल्स आबाद करने को बाजार किया बर्बाद
शॉपिंग हब सेक्टर-18 में पुनर्विकास के नाम पर करोड़ों खर्च, नहीं मिली राहत
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर का शॉपिंग हब कहे जाने वाले सेक्टर-18 के बाजार को नोएडा प्राधिकरण ने उजाड़कर रख दिया है। कारोबारियों का कहना है कि मॉल्स और हाई राइज बिल्डिंगों को आबाद करने के लिए शहर के सबसे बड़े व पुराने बाजार को बर्बादी की तरफ धकेला जा रहा है। पुनर्विकास के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च कर दिए गए, लेकिन बाजार के कारोबारियों को राहत की जगह सिर्फ आफत मिली है।
अमर उजाला सेक्टर संवाद के तहत शुक्रवार को बाजार के व्यापारियों ने खुलकर अपनी भड़ास निकाली। मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष सुशील कुमार जैन ने बताया कि बाजार को संवारने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने विदेशों का दौरा किया था और वहां के मॉडल के आधार पर पुनर्विकास की योजना बनाई गई। करीब पांच साल से योजना पर काम चल रहा है, लेकिन बाजार की सूरत संवरने की जगह बिगड़ती जा रही है। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिलाध्यक्ष नरेश कुच्छल का कहना है कि आसपास एक के बाद एक बने मॉल्स को बढ़ावा देने के लिए साजिश के तहत बाजार का हुलिया बिगाड़कर रख दिया गया है। 70 फीसदी सड़कें खुदी पड़ी हैं। आने जाने के वैकल्पिक रास्तों को भी नहीं छोड़ा जा रहा है। कहने को बारिश के दिनों में इस तरह के काम नहीं हो सकते, लेकिन नियमों को दरकिनार कर यहां बड़े-बड़े गड्ढे खोद कर सड़कों को ध्वस्त कर दिया गया।
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...तो कागजों में बनीं ड्रेन
पुनर्विकास योजना के तहत सेक्टर में ड्रेन बनाने का काम किया जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि नाले तो बना दिए गए हैं लेकिन इन्हें कहां से जोड़ा गया है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है। कई नाले तो कागजों में ही बना दिए गए हैं। व्यापारियों ने जांच की भी मांग उठाई है। खुदाई के दौरान बीएसएनएल की लाइन को ही गायब कर दिया गया है।

एनजीटी के नियम दरकिनार
निर्माण कार्यों में सावधानी बरतने को लेकर एनजीटी ने मानक तय किए थे, लेकिन नोएडा प्राधिकरण खुद नियमों को दरकिनार कर रहा है। पूरे सेक्टर की सड़कों को तहस नहस कर दिया गया है। मिट्टी के पहाड़ जगह-जगह धूल उड़ा रहे हैं। निर्माण कार्य के दौरान किसी तरह की सावधानी नहीं बरती जा रही है। बाजार के व्यापारी ही नहीं बल्कि ग्राहक भी खासे परेशान हैं।

प्लाजा बनाकर खड़ी की आफत
पुनर्विकास योजना के तहत 24 मीटर की सड़कों को 12 मीटर में समेटकर रख दिया गया है। दुकानों के सामने 7 मीटर तक के प्लाजा बना दिए गए, जिससे सड़कों की चौड़ाई घट गई। प्लाजा बनाते समय कहा गया था कि बिजली, पानी, सीवर आदि सभी सर्विस नीचे होंगी। इसलिए चौड़ाई बढ़ाई गई है लेकिन ऐसा नहीं किया गया। बिजली, पानी, सीवर के लिए सड़कों को खोदा जा रहा है।


नोएडा प्राधिकरण ने विदेशों की तर्ज पर बाजार संवारने का ख्वाब दिखाया था, लेकिन आज बद से बदतर हो चुके हैं। त्योहार के सीजन में सड़कें खुदी पड़ी हैं। ग्राहक नदारद हैं। मॉल्स गुलजार हो रहे हैं। क्या इसे सोची समझी साजिश न कहा जाए।
सुशील कुमार जैन, अध्यक्ष, सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन

सेक्टर-18 का बाजार एनसीआर की पहचान हुआ करता था, लेकिन आज मॉल्स की राजनीति ने इसे बर्बाद कर दिया है। बेतरतीब प्लानिंग ने दुकानों के बेसमेंट बंद कर दिए हैं। अतिक्रमण को खत्म करने के लिए वेंडर जोन तो बनाया, लेकिन अतिक्रमण खत्म नहीं हुआ।
नरेश कुच्छल, जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल

बाजार की हालत प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। एक के बाद एक गलत फैसलों से सूरत बिगड़ गई है। बढ़े पार्किंग शुल्क, सड़कों की बदहाली की वजह से ग्राहक मॉल्स की तरफ रुख कर रहे हैं। बाजार के कारोबार में खासी गिरावट आई है।
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सुधीर सिंघल, सर्राफा कारोबारी

सेक्टर-18 बाजार पूरी तरह से बर्बादी के मुहाने पर खड़ा है। हाई राइज बिल्डिंग और मॉल्स को फायदा पहुंचाने के लिए बाजार के व्यापारियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
मोहम्मद मुस्तफा, कारोबारी
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