सुप्रीम कोर्ट में बृहस्पतिवार को आम्रपाली के मामले में हुई सुनवाई के बाद एनबीसीसी (नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शंस कॉरपोरेशन लिमिटेड) के पूरे प्रोजेक्ट को टेकओवर करने के लिए हाथ बढ़ाने का खरीदारों ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि अगर एनबीसीसी आई तो उससे हमें खुशी होगी।
खरीदार केके कौशल ने बताया कि एनबीसीसी के प्रोजेक्ट से जुड़ने की खबर सुनने पर आशा की किरण जगी है। ऐसा लग रहा है कि अब उनका सपना साकार हो जाएगा। इसी तरह से खरीदार हरिश्याम ठाकुर का कहना है कि एनबीसीसी 80,000 करोड़ का प्रोजेक्ट कर रही है। ऐसे में उसे यहां पर पैसे लगाने में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। अगर वह यहां पर काम करती है तो खरीदारों की परेशानी का हल निकल पाएगा।
वहीं कुलदीप मुंशी ने कहा कि एनबीसीसी के प्रोजेक्ट को लेने की चर्चा एक राहत भरी खबर है। हालांकि 30 दिन में एनबीसीसी को प्रोजेक्ट पर प्लान देना है। इसमें यह देखा जाएगा कि वह किस तरह से प्रोजेक्ट को पूरा करेगा। इस पर भी पूरा दारोमदार होगा।
दरअसल, आम्रपाली ग्रुप को नोएडा-ग्रेटर नोएडा में 42,000 फ्लैट बनाकर देने हैं। इसमें ग्रेटर नोएडा में 32 हजार और नोएडा में 10 हजार फ्लैट देने हैं। नोएडा में दो-चार हजार फ्लैटों में लोग रह भी रहे हैं। लेकिन वहां सुविधा के नाम पर कुछ भी नहीं है। केवल किराये का पैसा बचाने के लिए लोग किसी तरह से गुजारा कर रहे हैं।
हालांकि यहां सबसे बड़ी बाधा प्राधिकरणों का पैसा चुकाने की भी है। नोएडा-ग्रेटर नोएडा प्राधिकरणों का हजारों करोड़ रुपया बकाया है, जिसे आम्रपाली ग्रुप को चुकाना है। अगर काम पूरा भी हो जाता है तो इसे कंप्लीशन और रजिस्ट्री के स्तर तक पहुंचाने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी।