अल-आफिया अस्पताल में डॉक्टरों की ड्यूटी का बना रोस्टर
- प्रसूति रोग विशेषज्ञ के इस्तीफे की खबर छपने के बाद हरकत में आया स्वास्थ्य विभाग
- अलग से मिला स्टाफ व उपकरण दिए जाएंगे : उपसिविल सर्जन
- विशेषज्ञ ने कहा- इस्तीफा दे दिया है फिर भी करूंगा विचार
नगीना। जिला अस्पताल अल-आफिया मांड़ीखेड़ा में कार्यरत प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल कुमार के इस्तीफे की खबर अमर उजाला में छपने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है। जिला स्वास्थ्य विभाग ने सीएम सहयोगी मोहित सोनी व जिला उपायुक्त पंकज के आदेश पर प्रसूति रोग विशेषज्ञ द्वारा के सुझाव पर अमल करना शुरू कर दिया है। डॉ अनिल कुमार की मांग के अनुरूप अस्पताल में रोस्टर बनाकर 24 घंटे चिकित्सकों की ड्यूटी ऑपरेशन थिएटर व गायनी में लगा दी गई है ताकि किसी प्रकार की समस्या दोबारा सामने न आए। दूसरी तरफ जरूरी उपकरण मंगाने पर रजामंदी हुई है। सभी प्रकार से कोशिशें की जा रही है कि प्रसूति रोग विशेषज्ञ को मनाया जा सके। इस मामले में जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों व नेताओं ने जिला प्रशासन से समस्या दूर करने की मांग रखी। विभागीय आदेशानुसार एक अन्य प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉक्टर चंदना ने जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा में पदभार संभाल लिया है।
वहीं डॉ अनिल कुमार ने उनकी मांगों को लेकर दिए गए इस्तीफे की खबर को प्रकाशित करने के लिए अमर उजाला का आभार जताया है। साथ ही उन्होंने कहा है कि इस महीने के 25 तारीख से पहले अगर उनकी मांग के अनुरूप विभाग कार्रवाई कर देता है तो वे पुन: वापसी कर सकते हैं। डॉ अनिल ने स्वास्थ्य विभाग से मांग की थी कि जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में 24 घंटे डॉक्टरों की तैनाती की जाए ताकि यहां प्रसव के लिए आने वाली महिलाओं को दिक्कत न हो। डॉ. अनिल ने कहा कि यहां उन्हें ढाई लाख रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है। उन्होंने यहां इसलिए ज्वाइन किया था ताकि जिले की महिलाओं की अकाल मौत को रोका जा सके। पिछले 4 महीनों के दौरान जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा में प्रसूति के दौरान एक भी महिला की मौत नहीं हुई है। एक महीने में औसतन सवा सौ से बढ़कर डिलीवरी संख्या ढाई सौ से ऊपर हो चुकी है। उन्होंने बताया कि इस साल मार्च से जिला अस्पताल मांड़ीखेड़ा में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है इसीलिए वह सीपीआर समेत नवजात व उससे बड़े आयु के बच्चों को संभाल रहे हैं। इसके अलावा 23 महिलाओं को कॉपर-टी लगाई गई है। वहीं 30 महिलाओं का प्रसूति के दौरान ऑपरेशन से मां और बच्चे को बचाया है। फिलहाल हाईरिस्क डिलीवरी, डीएनए, एनएमपीपी, सर्जरी समेत ओपीडी की सेवाएं भी देखते हैं।
इस्तीफे का नोटिस डॉक्टर अनिल कुमार ने दिया है। उनसे बातचीत हुई है, शायद वो राजी हो जाएंगे। एक नई डॉक्टर ने भी ज्वाइन किया है। दो अन्य डॉक्टरों के पद खाली हैं उसके लिए महिला प्रसूति रोग विशेषज्ञों की तलाश जारी है। - उपसिविल सर्जन डॉक्टर अरविंद कुमार
फोटोऱ् मांड़ीखेड़ा अस्पताल के गायनी वार्ड में मौजूद विशेषज्ञ डॉक्टर अनिल कुमार।