मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी लोगों में नाउम्मीदी
फ़िरोज़पुर झिरका। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर कि रोज पूर्विका की विकास रैली से लोगों को काफी उम्मीद थी। भले ही मुख्यमंत्री ने मेवात में हजारों करोड़ रुपये की घोषणा, शिलान्यास और उद्घाटन किया हो, लेकिन यूनिवर्सिटी, रेल लाइन और हैवी ड्राइविंग लाइसेंस के नवीकरण की मांग के बाद भी मायूसी ही हाथ लगी है। मुख्यमंत्री ने इन कार्यों की मंजूरी के लिए कमेटी गठित करने की घोषणा की है, लेकिन लोग मुख्यमंत्री की इस घोषणा से संतुष्ट नहीं है।
रैली स्थल से उठी यूनिवर्सिटी की मांग
मेवात में यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मांग को लेकर पहले ही कई संगठनों ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी थी और कई संगठनों ने बैनर आदि भी तैयार किए थे। वही मांग पूरी ना होने पर विरोध में काले झंडे भी दिखाने की भी तैयारी थी, लेकिन सुरक्षा के कारण काले झंडे तो नहीं दिखा सके, लेकिन रैली में उपस्थित कुछ लोगों ने यूनिवर्सिटी की घोषणा करने की मांग उठाई।
कैनाल के नाम पर मेवातियों से धोखा : जाकिर हुसैन
इनेलो विधायक ज़ाकिर हुसैन ने कहा कि आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के फिरोजपुर झिरका दौरे पर एसवाईएल जो हरियाणा के साथ-साथ मेवात की भी जीवन रेखा है, उसका नाम तक नहीं लिया। मेवात फीडर कैनाल के बारे में यह कहना कि पहले चरण में सिर्फ 100 क्यूसिक क्षमता की ही बनेगी से मेवात वासियों में भारी रोष व निराशा है। मुख्यमंत्री के दौरे से लोग इस उम्मीद में थे कि 700 क्यूसिक ना सही लेकिन 300 क्यूसिक स्वच्छ पानी मिलेगा, क्योंकि अभी तो यमुना में 600 क्यूसिक पानी की बजाए मेवात, सोहना व पलवल जिले का तहसील हथीन क्षेत्र दिल्ली व फरीदाबाद की फैक्ट्रियों व सीवरेज से निकलने वाले जहरीले पानी को ले रहे हैं।