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Noida News: 1300 रजिस्ट्री का खुला रास्ता, लेकिन खरीदार लापता

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-अब तक हुई केवल 425 रजिस्ट्री, बिल्डरों का दावा, कई खरीदार नहीं आ रहे संपर्क में
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-कई खरीदार रजिस्ट्री को लेकर नहीं हैं गंभीर





माई सिटी रिपोर्टर

नोएडा। अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों को नोएडा में लागू कराने के बाद प्राधिकरण ने 19 बिल्डरों से छूट के पैकेज पर साइन कराने के बाद 180 करोड़ रुपए जमा कराए और रजिस्ट्री का रास्ता खोला। लेकिन कई फ्लैट खरीदार ऐसे हैं, जो कि रजिस्ट्री के लिए गंभीर नहीं हैं। बिल्डरों का दावा है कि कइयों से संपर्क करने के बाद भी सकारात्मक जवाब नहीं आ रहा है। कई खरीदार ऐसे हैं जो कि अभी भी संपर्क में नहीं हैं और गायब हैं। ऐसे में प्राधिकरण की चुनौतियां धीरे-धीरे बढ़ती जा रही हैं।

दरअसल, अमिताभ कांत समिति की सिफारिशों के लागू होने के बाद नोएडा प्राधिकरण पर शासन का भारी दबाव है। शासन की ओर से पल-पल का अपडेट लिया जा रहा है। प्राधिकरण ने चरणबद्ध तरीके से 45 बिल्डरों से संपर्क किया और इसमें से 19 बिल्डरों ने छूट के बाद 25 प्रतिशत राशि जमा कराई। हालांकि कुछ बिल्डरों ने इसमें भी किस्तों में पैसे जमा कराए। लेकिन बिल्डरों के पैसे जमा कराने के बाद वर्तमान समय में 1300 फ्लैट खरीदारों के फ्लैटों रजिस्ट्री का रास्ता खुल गया। लेकिन वर्तमान समय तक केवल 425 फ्लैटों की रजिस्ट्री ही हुई है।
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नोएडा प्राधिकरण के सीईओ लोकेश एम ने बिल्डरों को बुलाकर बैठक की थी और उनसे यह पता लगाने की कोशिश किया कि पैसे जमा कराने के बाद भी रजिस्ट्री क्यों नहीं हो पा रही है। बिल्डरों का कहना है कि कई फ्लैट खरीदारों ने अपने फ्लैट किराए पर दे रखे हैं। अगर वह रजिस्ट्री कराने के लिए राजी होते हैं तो उनको 5 से 10 प्रतिशत का अंतिम बकाया भी जमा कराना होगा, जो कि करीब 5 से 20 लाख रुपए तक बनेंगे। ऐसे में संभव है कि उनके पास फंड की कमी हो और वह बाद में रजिस्ट्री कराना चाहते हैं, इसलिए टालमटोल कर रहे हैं। जिन बिल्डरों के यहां इस तरह की दिक्कत आ रही है, उसमें आईटीएस निंबस, एक्सप्रेस जेनिथ, ग्रेट वैल्यू समेत कई बिल्डर शामिल हैं।





निवेशक भी हो सकते हैं...

प्राधिकरण के अधिकारियों का दावा है कि इसमें से कुछ लोग फ्लैट खरीदार न होकर निवेशक हो सकते हैं, जो कि सामने नहीं आना चाहते। इसी तरह का मामला आम्रपाली के भी साथ था और फ्लैट खरीदार गायब पाए गए। उनमें से करीब एक हजार निवेशक अंतिम समय तक सामने नहीं आए। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि वर्तमान समय में पेमेंट समेत कई प्रकार की निगरानी हो रही है। ऐसे में निवेशक इन सभी निगरानी तंत्र से बचना चाहते हों।



कई खरीदार नोएडा से बाहर

प्राधिकरण का कहना है कि इनमें से कई खरीदार अभी विदेश में हैं। उन्होंने यहां फ्लैट की बुकिंग तो कर लीं, किस्तें भी चुका दी, लेकिन फिर यहां से चले गए। हालांकि उन्होंने समय मिलते ही यहां आने और रजिस्ट्री कराने का वादा किया है।
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प्राधिकरण की कोशिश है कि सभी से संपर्क कर कम से कम 1300 रजिस्ट्री का काम पूरा कराया जाए। इसके अलावा धीरे-धीरे दूसरे अन्य बिल्डरों से पैकेज पर साइन कराया जा रहा है। उसी हिसाब से रजिस्ट्री का आंकड़ा और बढ़ेगा। - लोकेश एम, सीईओ, नोएडा प्राधिकरण
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