तावडू/पुन्हाना। रूस-यूक्रेन के बीच जारी युद्ध के कारण भारतीय छात्रों का यूक्रेन छोड़ने का सिलसिला जारी है। बृहस्पतिवार को तावडू लौटे साहिल पुत्र समून को वापस आने की खुशी तो थी ही, साथ में पढ़ाई पूरी न कर पाने का गम भी सता रहा था। साहित एमबीबीएस द्वितीय वर्ष के छात्र हैं। उनका कहना था कि एक न एक दिन यूक्रेन के हालात सुधरेंगे और वह दोबारा जाकर अपनी पढ़ाई पूरी कर सकेंगे। उन्हें डॉक्टर बनते देखना उनके माता-पिता का सपना है, जिसे वह जरूर साकार करेंगे।
वहीं मेवात के 13 अन्य बच्चे भी आईजीआई एयरपोर्ट और हिंडन एयरबेस पहुंचे। गांव बीसरू निवासी अध्यापक इमरत खान के बेटे वसीम ने बताया कि वह राजधानी कीव से करीब एक हजार किलोमीटर दूर उजहोर्ड नेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ते हैं। हमले से पहले ही उन्होंने अपना वापसी का टिकट करा लिया था। फिर अचानक युद्ध शुरू हो गया और उन्हें टिकट रद्द कराना पड़ा। अधिकतर शहरों की सुपर मार्केट में खाने पीने का सामान खत्म हो गया था। जिसकी वजह से कोल्डड्रिंक और पानी पीकर या चिप्स खाकर ही गुजारा कर रहे थे। इसी बीच भारतीय दूतावास से उन्हें संदेश मिला कि उन्हें हंगरी बॉर्डर तक बस से ले जाया जाएगा। हंगरी पहुंचकर उन्होंने राहत की सांस ली, यहां उन्हें होटल में ठहराया गया, फिर वे राजधानी बुडापेस्ट से दिल्ली रवाना हुए।
गांव मांडीखेडा निवासी उसमान के के दोनों बेटे मोहसिन आजम और मोईन खान भी गुरुवार को भारत पहुंचे। जिन्हें दिल्ली हवाई अड्डे लेने के लिए वह उसमान अपनी पत्नी के साथ पहुंचे। इन दोनों के अलावा पुन्हाना निवासी रिहान खान पुत्र डॉक्टर कुतबुल्लाह, बिसरू निवासी वसीम अहमद पुत्र मास्टर इमरत, शिकरावा निवासी वारिस पुत्र मास्टर अब्दुल मजीद, पुन्हाना निवासी साहिल पुत्र हनीफ और तावडू निवासी साहिल पुत्र जेद, नई निवासी मोहम्मद इरशाद पुत्र तैयब हुसैन, आदिल निवासी पिपरौली, आसिक अली नेवाना, सलंबा, निवासी अरबाज, अकरम निवासी गोधौली, माजिद खान, मांडीखेड़ा निवासी मास्टर उसमान के दो बेटे मोहसिन आजम व मोईन खान सहित 13 छात्रों की भी वापसी हुई।
भारत सरकार को दिया धन्यवाद
तावडू के साहिल ने बताया कि वह बृहस्पतिवार की सुबह साढे़ पांच बजे गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पर उतरे। वायु सेना के विशेष विमान में 350 छात्र भारत लौटे। एयरपोर्ट पर उतरने के बाद हरियाणा के सभी बच्चों को सरकारी गाड़ी द्वारा हरियाणा भवन लाया गया। जहां पर उनके रहने खाने की सभी सुविधाएं पहले से की गई थीं। उन्होंने भारत सरकार को इस इंतजाम के लिए विशेष रूप से धन्यवाद दिया।
लाडलों को लेने पहुंचे एयरपोर्ट
यूक्रेन से लौटे छात्रों के परिवारों की दुआ आखिरकार कबूल हो गई। हंगरी और रोमानिया बॉर्डर से दिल्ली और गाजियाबाद के एयरपोर्ट पहुंचने वालों में नूंह जिले के करीब 18 छात्र शामिल थे। अन्य विमानों से आने वाले छात्रों में भी नूंह के बच्चे शामिल बताए जा रहे हैं। अपने लाडलों को लेने के लिए कुछ परिजन घंटों पहले से ही गाजियाबाद व दिल्ली पहुंच गए।