यूपी के उत्पादों का इटली में दिखेगा जलवा
-दिसंबर में आयोजित होने जा रही एएफएल प्रदर्शनी में एमएसएमई को शामिल होने का मौका
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। उत्तर प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) में बने उत्पादों का विदेश में जलवा देखने को मिलेगा। दरअसल, 1 से 9 दिसंबर तक इटली के मिलान में आयोजित होने वाले एएफएल आर्टिगियानो इन फियेरा इंटरनेशनल क्राफ्ट सेलिंग एग्जीबिशन में राज्य के उद्योगों को भी शामिल होने का मौका दिया गया है। उत्तर प्रदेश एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल ने 15 औद्योगिक शहरों से इसके लिए आवेदन मांगे हैं।
राज्य की शिल्पकला और उद्यमिता प्रदेश के छोटे-छोटे कस्बों एवं शहरों में फैली है। यहां का हर कस्बा और जनपद अपने विशिष्ट और असाधारण उत्पादों के लिए ख्यात है। इटली में आयोजित होने वाली प्रदर्शनी में शामिल होने के लिए 31 अक्तूबर तक जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केंद्र में आवेदन किया जा सकेगा। अधिकारियों के मुताबिक गिफ्टवेयर, फैंसी सामान, टैक्सटाइल, मार्बन, चमड़ा, आर्टिफिशियल ज्वैलरी आदि से जुड़े उद्योगों को इटली आमंत्रित किया गया है। हालांकि, इसमें हिस्सा लेने के लिए 28 हजार रुपये शुल्क तय किया गया है, जबकि इस आयोजन में भाग लेने वाले उद्योगों को एमडीए योजना के अंतर्गत सरकार से वित्तीय सहायता राशि (1.50 लाख रुपये) उपलब्ध कराई जाएगी।
आमंत्रित शहरों के मशहूर उत्पाद
आगरा का चमड़ा उत्पाद, अमरोहा का वाद्य यंत्र, अलीगढ़ के ताले व हार्डवेयर, भदोही का कालीन, फिरोजाबाद के कांच उत्पाद, गौतमबुद्घनगर का रेडिमेड गारमेंट, गाजियाबाद की अभियांत्रिकी सामग्री, कानपुर का एल्युमिनियम बर्तन व चमड़ा उत्पाद, लखनऊ की जरी जरदोजी, मेरठ की खेल सामग्री, मिर्जापुर का कालीन, मुरादाबाद का धातु शिल्प, शाहजहांपुर व उन्नाव का जरी-जरदोजी, वाराणसी की रेशमी साड़ी आदि उत्पाद विशेषता रखते हैं।
कोट
यूपी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल की तरफ से आवेदन मांगे गए हैं। हमनें सभी औद्योगिक संगठनों को इससे अवगत करा दिया है। प्रदर्शनी में शामिल होने की इच्छा जाहिर करने वाले उद्योगों को सब्सिडी भी दी जाएगी।
-अनिल कुमार, उपायुक्त, जिला उद्योग केंद्र